Nationaldunia

जयपुर।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के द्वारा लगाई गई पीआईएल 22 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज करने के साथ ही देश की सभी यूनिवर्सिटीज में शिक्षक भर्ती में एससी-एसटी और ओबीसी का आरक्षण खत्म सा हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा याचिका खारिज करने के साथ ही 200 रोस्टर के स्थान पर 13 पॉइंट रोस्टर लागू हो गया है। इससे कम पदों पर होनी वाली शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग को मिलने वाले आरक्षण से वंचित रहना होगा।

उल्लेखनीय है कि 5 मार्च 2018 को यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों में 200 पॉइंट रोस्टर आरक्षण के स्थान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पीआईएल दायर की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 13 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर को लागू किया जाए।

इसका देश में उच्च शिक्षा से जुड़े हुए और बहुजन समाज के लोगों ने विरोध किया। जिसके आधार पर यूजीसी एवं एमएचआरडी के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में SLP लगाई गई। उसको सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी 2019 को खारिज कर दिया।

राजस्थान विवि के शोधकर्ता और शोधछात्र प्रतिनिधि रामसिंह सामोता का कहना है कि शीर्ष अदालत ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले (13 प्वाइंट रोस्टर) को कोई सही ठहराया है, जो बहुजनों (Sc/St/Obc) के साथ सामाजिक न्याय नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पीआईएल खारिज करने के विरोध में आज देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन किया गया। शोधकर्ताओं और उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की मांग है कि सरकार इसको लेकर अध्यादेश लाए और कानून बनाएं।

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक किसी भी शिक्षण संस्थान में होने वाली शिक्षक भर्ती में विभाग को यूनिट मानकर भर्ती की जाएगी। इससे पहले विवि, कॉलेज या अन्य संस्थान को यूनिट मानकर भर्ती होती रही है।

इससे जब तक प्रत्येक डिपार्टमेंट में कम से कम 13 सीटों पर भर्ती होने पर ही सभी वर्गों को आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है। क्योंकि 4 पदों पर ओबीसी, 7 पदों पर एसटी और 13 पदों पर एससी के एक-एक उम्मीदवार को शामिल किया जाएगा। जबकि अधिकांश भर्तियों में इतने पदों पर भर्ती होती ही नहीं है।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय और शीर्ष अदालत के द्वारा पीआईएल खारिज़ करने के बाद आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, इसके कारण इनमें खासा रोष व्याप्त है।