नई दिल्ली।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा कल अगड़ी जातियों में गरीब वर्ग को दिया गया 10 परसेंट आरक्षण के लिए संविधान संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश कर दिया गया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया आज 2:00 बजे इस बिल पर चर्चा होने की संभावना है। यदि लोकसभा से बिल पास हो जाता है तो कल राज्यसभा में भेजा जाएगा।

सरकार ने पहले ही राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए बढ़ा दी है। आज संसद की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए समाप्त होने वाली थी, लेकिन संविधान संशोधन बिल के कारण राज्यसभा की कार्रवाई को 1 दिन के लिए बनाया गया है। लोकसभा से आज ही इस बिल के पास होने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि संविधान के प्रावधान के मुताबिक देश में आरक्षण कायदा या 50 फ़ीसदी से ऊपर नहीं होना चाहिए, जबकि आज की तारीख में ओबीसी, एससी और एसटी को मिलाकर 49.5 परसेंट आरक्षण लागू है।

ऐसे में स्वर्ण वर्ग को दिया गया 10% आरक्षण संविधान के दायरे से बाहर होता है। इसके चलते संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में संशोधन करना आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पहले से ही आरक्षण की सीमा 50% निर्धारित की हुई है। ऐसे में संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता बचता है। जिसको लेकर मोदी सरकार ने आज उचित कदम उठा दिया है।

यदि लोकसभा में यह संविधान संशोधन बिल पास हो जाता है तो कल इस को राज्यसभा में भी जाएगा, जहां पर बीजेपी और उसकी अलायंस पार्टियों के पास पूर्ण बहुमत नहीं है। इसलिए इस बिल के अटकने की भी संभावना है।

संविधान के दायरे से बाहर 10 परसेंट स्वर्ण वर्ग को दिया गया आरक्षण का यह प्रस्ताव मोदी सरकार के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। क्योंकि बिल के पास होने पर 1 वर्ग उसके लिए फिर से जुड़ जाएगा। जबकि विरोध करने पर विपक्षी पार्टियों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है।

हालांकि मोदी सरकार की तरह ही 1991 में बनी प्रधानमंत्री नरसिंह राव की सरकार भी इस तरह स्वर्ण वर्ग ल के लिए 10 परसेंट आरक्षण वाला बिल लेकर आई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा संविधान संशोधन के बिना उस बिल को खारिज कर दिया गया था। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने मास्टर स्ट्रोक को कितना कारगर ढंग से खेल पाती है।

कांग्रेस पार्टी ने इस बिल को मोदी सरकार के द्वारा स्वर्ण को लॉलीपॉप दिया जाना बता रही है, तो दूसरी तरफ संसद में इसका समर्थन करने की बात भी कह रही है।

बिल को पास करवाने के सवाल पर बोलते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आपने सबसे कट्टर विरोधी को इस बिल की वजह से संसद में समर्थन करेंगे।