डीएसडब्ल्यू ने दिया इस्तीफा, अब छात्रसंघ अध्यक्ष की बारी

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जयपुर।
राजस्थान विश्वविद्यालय में 30 अगस्त को हुए छात्र संघ चुनाव और 11 सितंबर को आए परिणाम के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में आरोपों से घिरी डीएसडब्ल्यू डॉ. सरीना कालिया ने आज इस्तीफा दे दिया।
छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नामांकन में हुई गड़बड़ी के बाद लगातार आरोपों का सामना कर रही सरीना कालिया ने आज नाटकीय ढंग से एक उच्चस्तरीय बैठक से पहले अपना इस्तीफा विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिया।
डीएसडब्ल्यू सरीना कालिया के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से इस बात की चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या अब राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ का पर्चा रद्द कर दोबारा से चुनाव करवाएगा?
इस बीच विरोधी गुट के द्वारा राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी और भारतीय जनता पार्टी के द्वारा दबाव में आकर निर्णय लिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 2015 में हुए एग्जाम के दौरान राजस्थान कॉलेज की छात्र संघ अध्यक्ष रहते हुए विनोद जाखड़ की जगह परीक्षा देते राजेश नामक छात्र को पकड़ा था।
गिरफ्तार करने के बाद राजेश ने अपने शपथ पत्र में लिखकर विश्वविद्यालय को दिया था कि विनोद जाखड़ के द्वारा दबाव बनाए जाने के कारण उसने विनोद जाखड़ जगह एग्जाम में बैठने का निर्णय लिया था।
बीते दिनों राजस्थान विश्वविद्यालय में हुए छात्र संघ चुनाव के दौरान विनोद जाखड़ जीतने में कामयाब रहे उनके नामांकन पत्र में उन्होंने इस बात का स्पष्ट जिक्र किया था, कि वह सजायाफ्ता है और कोर्ट के द्वारा सजा सुनाए हुए हैं।
विश्वविद्यालय ने नामांकन पत्र में यह बात उल्लेख करने के लिए कहा था, लेकिन डीएसडब्ल्यू और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की टीम के द्वारा विनोद जाखड़ के नामांकन पत्र की ठीक से जांच नहीं की गई और यह गड़बड़ी अब करीब 1 महीने बाद सामने आई है।
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सबूतों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को विनोद जाखड़ का नामांकन पत्र रद्द कर दोबारा से चुनाव कराने अथवा दूसरे स्थान पर रहे एबीवीपी के उम्मीदवार राजपाल चौधरी को छात्रसंघ अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है।
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