RAS PRE RESULT: 2018, भारी खामी के परिणाम, राजस्थान में मचा कोहराम

58
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

-RAS Pre Exam result 2018।

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा बीती रात जारी किया गया RAS PRE: 2018 के परिणाम ने प्रदेश के ओबीसी आरक्षण प्राप्त बेरोजगार युवा वर्ग में कोहराम मचा दिया है।

परिणाम जारी करने के बाद आरएएस एग्जाम देने वाले युवाओं में खासा रोष नज़र आ रहा है। इसका कारण ओबीसी आरक्षण के वर्ग की कट ऑफ काफी ऊंची जाना है। जनरल के बजाए ओबीसी की कट ऑफ 23.27% अधिक रही है।

कट ऑफ लिस्ट देखने के बाद सामने आया कि OBC की अंतिम कट ऑफ 99.33% रही है, जबकि जनरल की मेरिट 76.06% रही है। हालांकि, एससी एसटी वर्ग का परिणाम जनरल से कम ही रहा है।

यह कट ऑफ जारी करना ही अपने आप में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है। क्योंकि साल 2015 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट यह फैसला दे चुका है कि आरक्षण के नियम तभी लागू होते हैं, जब किसी आरक्षित वर्ग की कट ऑफ जनरल से अधिक नहीं होनी चाहिए।

तब सरकार बनाम हनुमान जाट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट उल्लेख किया था कि OBC की मेरिट जनरल से ज्यादा नहीं हो सकती। कोर्ट के उस फैसले के चलते इस तरह से परीक्षा परिणाम पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी में आया है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम विवादों में आने के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। सैनी ने बताया सामान्य वर्ग से अधिक अंक वाले OBC अभ्यर्थियों के साथ धोखा है। 99.33% से कम अंक लाने वाले OBC अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिये पात्र नहीं माना गया है। इस परिणाम में सामान्य की कट ऑफ 76.06% रही, जबकी OBC कट ऑफ 99.33% रही है।

आपको बता दें कि इससे पहले साल 2016 की भर्ती को भी कोर्ट रदद् कर चुका है। इसी तरह से पटवारी भर्ती परीक्षा में भी हो चुका है। पटवारी भर्ती परीक्षा में भी कट ऑफ ज्यादा होने होने पर कोर्ट के दखल पर रिजल्ट दुबारा जारी करना पड़ा था।

जिस तरह से संविधान की मूल भावना को ताक में रखकर आरएएस प्री भर्ती परीक्षा 2018 का परिणाम घोषित किया गया है, उससे परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। संविधान विशेषज्ञों के अनुसार यह आरक्षण नहीं है।