RAS-2018: ओबीसी वर्ग को बड़ी राहत, दुबारा जारी होगा परिणाम

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जयपुर।

पिछले दिनों परिणाम को लेकर विवादों में आई आरएएस भर्ती 2018 के प्री एग्जाम रिजल्ट को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने जवाब मांगते हुए परिणाम दोबारा जारी करने को कहा गया है।

अपीलार्थी जयश्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने आरपीएससी को प्री परीक्षा परिणाम—2018 मामले में जवाब देने के साथ ही फिर से जारी करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट का यह आदेश अन्य पिछड़ा वर्ग के उन अभ्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो रिजल्ट में कुछ ही अंको से उत्तीर्ण होने से रह गए थे।

जस्टिस इंदरजीत सिंह ने आरपीएससी को जवाब-तलब करते हुए कहा है कि किसी भी सूरत में आरक्षित वर्ग का परीक्षा परिणाम सामान्य वर्ग से अधिक नहीं होना चाहिए।

गौरतलब है कि आरपीएससी ने 980 पदों के लिए आरएएस प्री भर्ती परीक्षा 2018 का आयोजन किया था, जिसका परिणाम करीब एक पखवाड़े पहले आया है। परिणाम में भारी खामियों के चलते मामला कोर्ट में चला गया।

दरअसल, आरपीएससी की ओर से जारी परिणाम में ओबीसी की कट ऑफ करीब 99% रही थी, जबकि सामान्य वर्ग का लगभग 76% परिणाम रहा। इस तरह आरक्षण के बावजूद ओबीसी की कट आॅफ तकरीबन 23% अधिक रही।

राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा घोषित किए गए इस रिजल्ट के बाद ओबीसी वर्ग में खासा रोष था और उसके बाद जयश्री की तरफ से कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

आपको यह भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की 2015 में दिए गए एक आदेश के मुताबिक ओबीसी अथवा sc-st का परिणाम किसी भी हाल में सामान्य वर्ग से अधिक नहीं रहना चाहिए।

यह भी दीगर है कि आरपीएससी की तरफ से जारी इस परिणाम में ओबीसी वर्ग के 15% लोगों को नहीं बुलाकर कट ऑफ अधिक रखने का काम किया गया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए आरपीएससी से जवाब मांगा है।

कोर्ट ने कहा है कि आरपीएससी दोबारा परिणाम जारी करे, और और ओबीसी वर्ग के कम से कम 15% अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल करे। आरपीएससी के जवाब के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।