‘सेकंड टाइमर’ रामेश्वर डूडी भी हो सकते हैं मुख्यमंत्री

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बीकानेर/जयपुर।

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बहुमत में आने पर मुख्यमंत्री के दावेदारों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। अब तक के मुख्यमंत्री की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के अध्यक्ष सचिन पायलट थे, जबकि शाम होते-होते इस रेस में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी भी शामिल हो गए।

एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर लाल डूडी ने खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल बताया। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर इस बात को स्वीकार नहीं किया, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर खुद को सेकंड टाइमर बताते हुए रेस में शामिल कर दिया।

प्रदेश में किसान मुख्यमंत्री की बात करते हुए रामेश्वर डूडी ने कहा कि हालांकि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री का उम्मीदवार आलाकमान यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा तय किया जाएगा। लेकिन जिस तरह लंबे समय से मांग है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसान की कोख से पैदा हुआ होगा। उसके आधार पर डूडी ने परोक्ष रूप से खुद को इस रेस में सबसे आगे बता दिया है।

अशोक गहलोत, सचिन पायलट और इसी विवाद में आज कूदे प्रताप सिंह खाचरियावास के बयान के सवाल पर बोलते हुए रामेश्वर डूडी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री वही होना चाहिए, जो किसान की कोख से पैदा हुआ हो।

खुद डूडी के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के द्वारा और सोनिया गांधी के द्वारा उनको नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी गई, जिसको उन्होंने बखूबी निभाया है। इस आधार पर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से खुद को भी इस रेस में आगे बताया।

गौरतलब है कि रामेश्वर डूडी एक बार बीकानेर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा 2013 से 2018 तक निवर्तमान नोखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। यहीं से इस बार फिर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े हैं।

निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर बात करें तो राजस्थान में अगर कांग्रेस पार्टी के अंदर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री बनने के लिए सियासी जंग होती है, तो ऐसी स्थिति में राज्य में मुख्यमंत्री की सीट इन दोनों के अलावा किसी तीसरे को सौंपी जा सकती है, जिसमें रामेश्वर डूडी सबसे आगे हैं।

काम के आधार पर बात करें तो अशोक गहलोत बीते 5 साल से संगठन में काम कर रहे हैं। सचिन पायलेट प्रदेशाध्यक्ष होकर कांग्रेश को फिर से प्रतियोगिता में लाने में कामयाब रहे हैं, तो विधानसभा के भीतर नेता प्रतिपक्ष के तौर पर रामेश्वर डूडी लगातार 5 साल सरकार तक लड़े हैं।

गौर करने वाली बात यह भी है कि देश में करीब 5 माह बाद लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनाव में प्रदेश के सबसे बड़े तबके, यानी 20-22% जाट समाज के वोट लेने के लिए कांग्रेस पार्टी “किसान मुख्यमंत्री” या “जाट मुख्यमंत्री” का गेम भी खेल सकती है।