नई दिल्ली।

देश के प्रतिष्ठित वकील और आरजेडी से सांसद राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में आज सुबह निधन हो गया।

राम जेठमलानी के पुत्र और वकील महेश जेठमलानी ने इसकी जानकारी दी।

राम जेठमलानी का आज दोपहर बाद लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जेठमलानी के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं ने ट्वीट करें दुख व्यक्त किया है।

इंदिरा गांधी से लेकर हाजी मस्तान और हर्षद मेहता के केस जीतने वाले राम जेठमलानी अपने जीवन में वकालत के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले वकील रहे, किंतु राजस्थान में दुष्कर्म के आरोपी आसाराम को जमानत नहीं दिला पाए।

राम जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेई सरकार के समय मंत्री रहे। वह लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद बीजेपी के साथ उनके संबंधों में कटुता आई और इसके बाद उनको पार्टी से निकाल दिया गया, वर्तमान में वह आरजेडी से राज्यसभा सांसद थे।

राम जेठमलानी बीते लंबे समय से बीमार चल रहे थे। करीब 2 साल पहले उन्होंने औपचारिक तौर पर वकालत से संन्यास ले लिया था।

बीते 7 दिन से वह अपने बिस्तर से नहीं उठ पा रहे थे। कहा जाता है कि जेठमलानी जब ऐसे में होते थे, तो जजों को भी फैसला देने से पहले सोचना पड़ता था।