दिसम्बर बाद केवल 4 प्रोफेसर से चलेगा राज्य का सबसे बड़ा विवि, कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे

जयपुर। राजस्थान का सबसे प्राचीन और सबसे बड़ा विश्वविद्यालय दिसंबर के बाद केवल 4 प्रोफ़ेसर के सहारे चलेगा। विश्वविद्यालय के दिसंबर में 3 प्रोफेसर रिटायर हो रहे हैं। वर्तमान में यहां पर केवल 7 प्रोफेसर हैं।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में पिछले 9 साल से 272 एसोसिएट प्रोफेसर की पदोन्नति रुकी हुई है। करीब 1 साल पहले राज्य सरकार के द्वारा लेने की पदोन्नति की सशर्त मंजूरी दे दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय अभी तक इस कार्य को नहीं कर पाया है।

विश्वविद्यालय में वर्तमान में 55 पद प्रोफेसर के, 110 पद एसोसिएट प्रोफेसर के और 300 पद असिस्टेंट प्रोफेसर खाली हैं। राज्य के सबसे पुराने और सबसे बड़े सरकारी विश्वविद्यालय के यह हालात होने के कारण यहां पर शोध कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राहुल चौधरी का कहना है कि 50% शिक्षकों के साथ चल रहे विश्वविद्यालय में कंफर्मेशन, प्रमोशन और सीनियर स्केल जैसे कार्य रुके हुए हैं, जिसके चलते अकादमी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में 2020- 2021 के शासन के दौरान 22 शिक्षकों का रिटायरमेंट है, जिनमें से पांच प्रोफ़ेसर हैं। हाल ही में राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलपति मिले हैं, जिसके बाद लंबित कार्य के होने की संभावना है।

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