कोरोना की लड़ाई जीत बेटियों की जंग लड़ने मैदान में उतरे सतीश पूनियां

-बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में गहलोत सरकार फेल, सत्ता में रहने का इनको कोई नैतिक अधिकार नहीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो गृह मंत्री भी हैं, इनके राज में अपराधियों के हौसले बढ़े, आम जनता भयाक्रांत। राजस्थान अपराधों की राजधानी बन गया है, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार सो रही है। महिलाओं, बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं गैंग रेप की बढ़ती वारदातों के खिलाफ प्रदेशभर में भाजपा का हल्ला बोल प्रदर्शन, गहलोत सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

जयपुर। पिछले करीब एक महीने से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां सोमवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए।

भाजपा अध्यक्ष की आक्रामकता को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि कोरोना से लड़ाई जीतकर सीधे बेटियों की आबरू की जंग लड़ने के लिए ही वो मैदान में उतरे हैं।

प्रदेश में महिलाओं, बच्चियों के साथ दुष्कर्म, गैंग रेप एवं दलितों पर बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के आह्वान पर पार्टी के सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस की गहलोत सरकार के खिलाफ मजबूती के साथ ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन कर कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे।

राजधानी जयपुर में डॉ. सतीश पूनियां के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन्स फाटक पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया, सोई हुई गहलोत सरकार को जगाने के लिये जमकर नारेबाजी की।

डॉ. पूनियां ने मुंह पर काला मास्क लगाकर भी गहलोत सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान डॉ. पूनियां के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिविल लाइन्स की तरफ आगे बढ़े तो फाटक पर पुलिस ने रोक लिया, जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

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डॉ. पूनियां को पुलिस गिरफ्तार कर ले जाने लगी तो कार्यकर्ता गाड़ी के आगे लेट गये, घंटेभर तक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस डॉ. पूनियां को गिरफ्तार कर अशोक नगर थाने लेकर गई।

डॉ. सतीश पूनियां ने मीडिया से बात करते हुये कहा कि, राजस्थान अपराधों की राजधानी बन गया है, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार सो रही है, सारी संवेदनाएं खो चुकी हैं।

विगत 20 महीनों के कांग्रेस शासन में 4 लाख 35 हजार मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें 11 हजार 200 मुकदमे हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, छेड़छाड़, यौन शोषण से संबंधित हैं।

दुष्कर्म के मामलों में विगत वर्ष के मुकाबले 33% की बढ़ोतरी हुई है, चिंताजनक यह है कि दलित अत्याचार 14.8% घटित हुए हैं, बांसवाड़ा, सिरोही,भरतपुर, बसेड़ी, अलवर, टोंक, तिजारा, अजमेर, बारां, चूरू, सीकर, जालौर, आमेर, लोहावट (जोधपुर), इन स्थानों पर विगत दिनों दुष्कर्म एवं गैंगरेप की वारदातें हुईं हैं, जिनसे प्रदेश शर्मसार हुआ।

डॉ. पूनियां ने कहा कि, राजस्थान शांत प्रदेश था और आज अपराधों की दृष्टि से सर्वाधिक अपराधग्रस्त प्रदेशों में शामिल हो गया है।

यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए शर्मनाक है, इससे प्रदेश कलंकित हो रहा है। प्रदेशभर में सभी जिला केंद्रों पर अपने आप को गिरफ्तारी के लिए प्रस्तुत कर “हल्ला बोला” और गहलोत सरकार को जगाया।

उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो कि प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, वह देश के नेता बनने की बात करते हैं, लेकिन राजस्थान की इन घटनाओं पर मौन क्यों हैं, ऐसी घटनाओं के कारण राजस्थान देश में शर्मसार हुआ है, वहीं अपराधियों के हौसले बढ़े हैं, आम जनता भयाक्रांत हैं।

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लचर और कमजोर कांग्रेस सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है, ऐसे में कांग्रेस की गहलोत सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

डॉ. पूनियां ने प्रदेश भाजपा के समस्त कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि, अराजक सरकार के विरूद्ध मुखरता से आवाज़ बुलंद की, सोई हुई सरकार को जगाने के लिए यह तो आगाज़ है। कोरोना के बाद पीडिताओं, किसानों, बेरोजगारों के हक के लिए सरकार को जयपुर में फिर घेरेंगे।

इस मामले में भाजपा अध्यक्ष खुद इसी सप्ताह बारां में पीड़ित बेटियों के परिवार से मिलने जाएंगे। साथ ही उन्होंने पिछले 10 दिन से, जब यह प्रकरण सामने आया है, तभी से सोशल मीडिया के जरिये सरकार को सवालों से ताबड़तोड़ हमले कर जगाने का काम किया है।

डॉ. पूनियां ने तीन सदस्य कमेटी का गठन कर उसे बारां पीड़ित परिवार से मिलने भेजा और उनकी हरसंभव मदद भी की।

हालांकि, प्रदेश की दो बार मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे ने इस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन से दूरी बनाकर एक बार फिर से परोक्ष रूप से गहलोत सरकार का बचाव करने का ही काम किया।

वसुंधरा राजे बीते दो साल से इसी तरह का बर्ताव कर रही हैं, जो भाजपा ही नहीं, अपितु कांग्रेस के लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।