बारां में सगी नाबालिग बहनों से गैंगरेप मामले में चुप क्यों हैं वसुंधरा राजे?

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे एक तरह से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को एकबार फिर से शर्मसार होने से बचाने का काम कर रही हैं।

राजस्थान के विभिन्न जिलों में खासतौर से बारां जिले में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ गैंगरेप होने और उसके बाद पुलिस के द्वारा लीपापोती किए जाने के मामले समेत दूसरे जिलों में भी बालिकाओं के साथ बलात्कार और हत्या के प्रकरणों को लेकर भाजपा राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को लगातार सवालों में ले रही है, लेकिन इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा इस पर अब भी चुप्पी साधे हुए हैं।

हालांकि, वसुंधरा राजे ने शुक्रवार दोपहर बाद दो ट्वीट करके राज्य के विभिन्न जिलों में महिला अत्याचार को लेकर राज्य की सरकार से सवाल किए हैं, किंतु उन्होंने इस ट्वीट में भी बारां जिले में हुई गैंगरेप की घटना को लेकर कोई जिक्र नहीं किया है।

खासतौर से जबकि, भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में जसकौर मीणा की अध्यक्षता में 3 सदस्य कमेटी का गठन करके उसको वहां भेजा है और रिपोर्ट देने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि झालावाड़-बारां जिला पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह का लोकसभा क्षेत्र है।

क्षेत्र में वसुंधरा राजे के विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन के नजदीक होने के कारण व वसुंधरा राजे के पहले यहां पर लोकसभा सांसद होने के कारण पूरे प्रकरण पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के नाते वसुंधरा राजे द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार पर सवाल करने की अपेक्षा की जा रही थी, किंतु हमेशा की भांति एक बार फिर से वसुंधरा राजे ने अप्रत्यक्ष रूप से अशोक गहलोत की सरकार का बचाव किया है।

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दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के द्वारा और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ के द्वारा इस मामले को लेकर अशोक गहलोत सरकार से सवाल किए हैं।

साथ ही कहा है कि अशोक गहलोत के द्वारा बिना जांच किए इस प्रकरण में आरोपियों को बेकसूर ठहराया गया है।

इससे साबित होता है कि अशोक गहलोत की सरकार इस तरह के मामले में गंभीर नहीं है और राज्य में महिला अत्याचार और बेटियों के साथ होने वाले शारीरिक शोषण को लेकर अशोक गहलोत की टिप्पणी केवल दिखावा मात्र है।