भाजपा-कांग्रेस की महिला पदाधिकारी चला रही थीं सेक्स रैकेट, एक को पकड़ा, एक को क्यों नहीं?

जयपुर/सवाईमाधोपुर। उत्तर प्रदेश के हाथरस और बलरामपुर में गैंगरेप की घटनाओं और उसके बाद बच्चियों को मारने की दुर्घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, लेकिन राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस की जिला स्तर की दो पूर्व महिला पदाधिकारियों द्वारा मिलकर सेक्स रैकेट चलाने का मामला राजनीति में हाइप लेता जा रहा है।

इस मामले में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला सुनीता, जिनको संपत्ति बाई के नाम से पुकारा जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने सेवादल महिला प्रकोष्ठ की पूर्व जिला अध्यक्ष पूजा उर्फ पूनम चौधरी को अभी भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।

इस प्रकरण में पीड़िता के मुताबिक दोनों पूर्व महिला पदाधिकारियों में आपसी सामंजस्य से सेक्स रैकेट चल रहा है। इसमें कई मासूम लड़कियां और महिलाएं फंसी हुई हैं।

प्रकरण में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में सुनीता और उसके करीबी हीरालाल के साथ ही जिला कलेक्टर कार्यालय में चपरासी श्योराम मीणा, जिला उद्योग केंद्र के संदीप शर्मा और इलेक्ट्रीशियन राजू लाल रेगर को पकड़ा जा चुका है।

पीड़िता ने दूसरे कई लोगों द्वारा भी उसका शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। इस मामले में पीड़िता के मुताबिक आज की दोनों पदाधिकारियों द्वारा जो कि जिला स्तर की है, दूसरे लोगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है, जिसके तार सवाई माधोपुर और उसके दूसरे बड़े शहरों से जुड़े हुए हैं।

खास बात यह है कि इन दोनों महिला पदाधिकारियों में से एक ने पूर्व में अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी इस बात का जिक्र किया था कि उनकी पार्टी में बहुत बड़ी तादात में चरित्रहीन लोग भरे हुए हैं और उसने यह भी दावा किया था कि वह उनके नाम जानती हैं और उनके कुकर्म भी जानती हैं।

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इसके साथ ही उसने दावा किया था कि वह समय आने पर उनके नाम उजागर करेगी। बीते 5 दिन से पुलिस रिमांड पर चल रही महिला अधिकारियों से चरित्र इन लोगों के नाम उगलवाने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। हालांकि, ऐसा पुलिस कर नहीं पाई है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में कांग्रेस के कई बड़े नेता फंसे हुए हैं और पुलिस के ऊपर राजनीतिक दबाव होने के चलते कड़ाई से पूछताछ नहीं हो रही है।

दूसरी तरफ इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत प्रभाव से एक्शन लेते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष को पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि किसी भी गलत कार्य में पाए जाने वाले पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे व्यक्तियों की पार्टी में कोई जरूरत नहीं है।