राजस्थान में बीते 48 घंटों में 7 बलात्कर, कांग्रेस केवल हाथरस में मुद्दा ढूंढ रही है

जयपुर। उत्तर प्रदेश के हाथरस और बलरामपुर में गैंगरेप व हत्या का मामला भले ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ हो, मगर हकीकत यह भी है कि राजस्थान इस मामले में पीछे नहीं है। पिछले 48 घंटों में यहां पर 7 लड़कियों या नाबालिगों के साथ गैंगरेप या बलात्कर हुए हैं।

अशोक गहलोत सरकार और उनके मंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तो हमला बोल रहे हैं, किन्तु राज्य के बारां, बांसवाड़ा, सिरोही, जयपुर और अजमेर के रेप मामलों पर चुप हैं।

भरतपुर जिले में मां की शिकायत पर 16 साल की किशोरी से गैंगरेप कर हत्या के मामले में एक ही परिवार के 4 जनों पर केस दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार 29 सितंबर की रात को यह घटना हुई, जिसमें किशोरी गंभीर रूप से घायल हुई और अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।

दूसरी तरफ सिरोही में 7 साल की एक लड़की के साथ बलात्कार करने के बाद हत्या के मामले में नामजद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के द्वारा की जा रही है पूछताछ में सामने आया है कि प्रकरण में बालिका के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसी तरह से बारां जिले में 13 साल और 15 साल की दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में अभी भी पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिसको लेकर भाजपा ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार दलित उत्पीड़न के मामले में राजस्थान दूसरे स्थान पर है पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश है, जहां पर एससी के खिलाफ अपराध का प्रतिशत 25.8%, राजस्थान का 14.8%, तीसरे नंबर पर भी आ रहे है, जहां 14.2% मध्य प्रदेश का 11.5% है।

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साल 2017 के दौरान राजस्थान में 4238 मामले हुए उस वक्त देश भर में 46203। 2018 में राजस्थान में 4607 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि पूरे देश में 42793 दर्ज हुए। इसी तरह से 2019 में राजस्थान में 6794 मामले दर्ज हुए, पूरे देश में 45935 मुकदमे दर्ज किए गए।

कौन सा प्लान के तहत राजस्थान पूरे देश भर में आठवें नंबर पर, जहां मध्य प्रदेश का पहला नंबर है। मध्यप्रदेश में 2019 में 214 मुकदमे दर्ज हुई हैं। उत्तर प्रदेश में 1000 मामले हुए हैं। इसी कारण से राजस्थान में 63 मुकदमे दर्ज हुए हैं।