बारां मामले में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री अशोक गहलोत सच्चाई सामने लाकर पीड़ितों को न्याय दिलवाएं

श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ संतों एवं राजनेताओं को माननीय न्यायालय द्वारा बरी किया जाना धर्म, आस्था, सत्य और न्याय की जीत है: डाॅ. सतीश पूनियां

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने ट्वीट किया कि, आयोध्या में श्री रामलला के भव्य मंदिर पर बने अतिक्रमित ढांचे के ध्वंस के मामले में वरिष्ठ संतों एवं राजनेताओं को आज माननीय न्यायालय द्वारा बरी किया जाना धर्म, आस्था, सत्य और न्याय की जीत है, लेकिन अभी भी मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड द्वारा फैसले के विरोध पर ताज्जुब है! ईश्वर सुबुद्धि दे।


डाॅ. पूनियां ने 28 साल बाद सत्य, न्याय, धर्म एवं आस्था की जीत हुई है।

श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन से जुड़े पूज्यनीय संतों, भाजपा नेताओं, समाजसेवियों सहित तमाम लोगों को माननीय न्यायालय ने बरी कर ऐतिहासिक फैसला किया है। उन्होंने कहा कि, सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय का सम्मान करता हूँ।

वास्तव में यह प्रभु श्रीराम की महिमा ही है कि एक तरफ तो रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण का शुभारंभ हुआ है और दूसरी तरफ न्यायालय ने तमाम आंदोलनकारियों को बरी कर दिया है।


प्रदेश की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था एवं बढ़ते अपराधों को लेकर डाॅ. पूनियां ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि, बारां में दो नाबालिग लड़कियों से बलात्कार का मामला जानकारी में आया है।

18 सितम्बर 2020 का यह मामला संभवतः महिला थाना में दर्ज है। पीड़ित परिवार कार्यवाही चाहता है। पुलिस पर दवाब है, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री अशोक गहलोत सच्चाई सामने लाएं, संज्ञान लें, पीड़ितों को न्याय दिलवायें।

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