अडानी, अम्बानी, वेदांता की दया दृष्टि हुई तो राजस्थान की होगी चांदी ही चांदी

जयपुर। राजस्थान पर अगर उद्योगपतियों गौतम अडानी, मुकेश अंबानी और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की दया दृष्टि पड़ी तो चांदी ही चांदी होगी। राज्य सरकार ने ऐसी ही आशा जाहिर की है।

राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है और कहा है कि भारत में 30 हजार मेट्रिक टन चांदी के भंडारों में से राजस्थान में 98% भंडार है, जिसका सदुपयोग होना जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि भारत में ज्वेलरी समेत घरेलू डिमांड और औद्योगिक के अलावा चिकित्सीय उपयोग के लिए काम आने वाली चांदी का 90% हिस्सा भारत विदेशों से आयात करता है।

सरकार का कहना है कि 87 प्रतिशत चांदी का भंडार उदयपुर और राजसमंद जिला में हैं। इसके साथ ही राजस्थान में पोटाश, जिंक, पैट्रोलियम, कॉपर, जिप्सम, लाइमस्टोन के भंडार भरे पड़े हैं।

वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने प्रदेश में इन्वेस्ट करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रक्रिया का सरलीकरण करने के कारण अब यहां पर निवेश करने में समय घटेगा और इससे प्रदेश का फायदा होगा।

राज्य सरकार का कहना है कि खनिजों की खोज, उनकी तकनीक, शोधकार्य, कौशल विकास समेत राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से प्रदेश में खनन गतिविधियों को ज्यादा बेहतर ढंग से शुरू किया जाएगा। उनकी मॉनिटरिंग के लिए राजस्थान स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का भी गठन किया गया है।

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