जनरल के 1167 पदों पर ST वर्ग के अभ्यर्थी बनेंगे शिक्षक?

जयपुर। टीएसपी (TSP) क्षेत्र के खाली रहे जनरल वर्ग के 1167 पदों पर शेड्यूल ट्राइब वर्ग (ST) के अभ्यर्थियों को शिक्षक बनाए जाने की मांग को लेकर डूंगरपुर में उग्र आंदोलन के आगे सरकार झुकती हुई नजर आ रही है।

शुक्रवार को देर शाम सरकार के साथ ट्राईबल एरिया से आने वाले मंत्री और विधायकों की चर्चा के दौरान इस बात पर सहमति बन गई है कि टीएसपी क्षेत्र में शिक्षक भर्ती 2018 के दौरान रिक्त रहे जनरल के 1167 पदों पर आदिवासी क्षेत्र से आने वाले अभ्यर्थियों को अवसर दिया जा सकता है।

इससे पहले शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा था कि टीएसपी क्षेत्र के 1167 पद जो कि जनरल के थे और शिक्षक भर्ती 2018 के दौरान खाली रह गए थे, उनको भरने के लिए एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि डूंगरपुर क्षेत्र में इन्हें रिक्त रहे 1167 पदों को आदिवासी क्षेत्र से आने वाले अभ्यर्थियों के द्वारा भरने के मामले में पिछले 19 दिन से आदिवासी क्षेत्र के अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे थे। 2 दिन पहले ही अचानक यह अभ्यार्थी नेशनल हाईवे पर आ गए और तोड़फोड़ आगजनी और पुलिस के जवानों के साथ पत्थरबाजी व मारपीट की गई।

पुलिस के साथ पिछले 2 दिन से आदिवासी अभ्यार्थियों के साथ जगत चल रही है। रात के अंधेरे में अभ्यर्थियों के द्वारा पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी की जाती है और दिन में होटल लूटने पेट्रोल पंप को आग के हवाले करने जैसे कार्य भी किया जा रहे हैं।

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इस घटना को लेकर एक तरफ जहां भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने क्षेत्र में जाने और अभ्यर्थियों को समर्थन देने की बात कही है, तो दूसरी तरफ भाजपा के नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पूरे मामले को लेकर सरकार की नाकामी करार दिया है।

इसको लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि सरकार पहले से ही अपराधियों पर नियंत्रण खो चुकी है। अब जिस तरह से विभिन्न वर्गों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि प्रदेश की सरकार जनता का विश्वास भी खो चुकी है।

उप नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि अशोक गहलोत की सरकार पर से जनता का विश्वास उठ गया है जिन पदों पर भर्ती होनी थी, उन पर समय पर समाधान नहीं किया गया और जिसके कारण आज यह स्थिति हो गई है कि हिंसक आंदोलन किए जा रहे हैं।