कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने और देश को तोड़ने के षड़यंत्र में लगी हुई है: डाॅ. पूनियां

-मोदी सरकार के कृषि विधेयकों से किसान को स्वतंत्रता मिलेगी, गांवों में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, कांग्रेस जनता की अदालत में दोषी है, किसानों को गुमराह करने के लिए
देश में अराजकता फैलाने का षड़यंत्र कर रही है: डाॅ. पूनियां

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कांग्रेस एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार करते हुये कहा कि, बड़े आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार से जवाब मांग रही है, प्रधानमंत्री जी देश के किसानों को स्पष्ट एवं आश्वस्त कर चुके हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद जारी रहेगी।


डॉ. पूनियां ने कहा कि संविदा खेती किसान की जमीन पर होगी, किसान की जमीन से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, फसल आधारित कांट्रैक्ट होगा, जमीन पर मालिकाना हक सदैव किसान का ही रहेगा।

उन्होंने कहा कि, 55 वर्षों तक शासन करने के बाद कांग्रेस को किसानों की अब सुध आई है, कांग्रेस से किसने मना किया था कि वो किसानों का कल्याण ना करे, सत्ता में रहते हुये कांग्रेस ने किसान कल्याण के लिये कार्य क्यों नहीं किये, मोदी सरकार किसान की उन्नति एवं कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस ने अटल जी द्वारा शुरु की गई किसान क्रेडिट कार्ड योजना का अभिनंदन नहीं किया, जो उनको करना चाहिए था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी देश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बनाने के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड, पीएम सम्मान किसान निधि, फसल बीमा योजना, एक लाख करोड़ के निवेश इत्यादि योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रहे हैं, जिससे किसानों का जीवन बदला जायेगा, और अब देश का किसान अपनी मर्जी से, कहीं भी कभी बेच सकेगा, यानि एक तरह से किसान पूरी तरह से आजाद हुआ।

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मंडियों के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है कि, मंडियां पहले की तरह चलती रहेंगी, व्यापारी पहले की तरह अपना व्यापार करते रहेंगे, मंडिया खत्म नहीं होंगी।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस किसानों को गुमराह कर भ्रम फैलाकर अपना चेहरा छुपाना चाह रही है, कृषि विधेयकों से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से, खेती एवं खेती से जुड़े उद्योग धंधों से किसानों, नौजवानों एवं महिलाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में यह क्रांतिकारी कदम है।

कांग्रेस ने अपने 2019 के घोषणापत्र में यह कानून बनाने का वादा किया था, अब कांग्रेस यूटर्न क्यों ले रही है, 2007 में एपीएमसी का जो मॉडल मनमोहन सरकार ने बनाया था, उस बारे में कांग्रेस चुप क्यों है?


डाॅ. पूनियां ने कहा कि 2003 में कर्नाटक में, 2007 में हरियाणा में, 2017 में पंजाब में अनेकों अवसरों पर अपनी सरकारों में कांग्रेस पार्टी ने इस तरह के प्रावधानों पर काम किया है। पंजाब एवं हरियाणा में संविदा खेती कांग्रेस की सरकारों ने शुरू की थी।

2015 में भी मुख्यमंत्रियों की जो समितियां बनी थी, उसमें खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ, व अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री शामिल थे, समिति जो चर्चा हुई, यह सारे बिन्दु उसमें शामिल थे, जो इन विधेयकों में है।

2015 में नीति आयोग ने कृषि सुधारों को लेकर जो सुझाव दिये थे, इस रिपोर्ट को कांग्रेस ने पढ़ा भी होगा, सुझाव भी दिये होंगे और वो भी इन विधेयकों में शामिल हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के किसानों को बरगलाना चाहती है, इसके पीछे की कहानी पंजाब एवं बिहार का चुनाव या इस देश में कांग्रेस पार्टी की खुद की टूट को छुपाने के लिये यह अराजकता का खेल खेला है।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चीन का प्रश्न खड़ा किया, चीन को लेकर नेहरू के समय से चीन की क्या नीतियां थीं सबको पता है, मुझे लगता है जनता की अदालत में कांग्रेस दोषी है, अपना चेहरा छुपाने के लिये, इस देश में अराजकता पैदा करने के लिये यह सब कर रही है। सत्ता की छटपटाहट कांग्रेस पार्टी को परेशान कर रही है।


उन्होंने कहा कि, एक वंश के पीछे कांग्रेस पार्टी चली, जो विग्रह खड़ा हुआ, जिसकी आशंका के कारण आज कांग्रेस पार्टी केवल साढ़े तीन प्रदेशों में सिमट गई, विचार एवं व्यवहार से नकार दी गई।

ऐसी कांग्रेस के भीतर एक बड़ी भगदड़ है, बड़ी आशंका है, बड़ा डर है पार्टी के टूटने का, उसको छुपाने के लिये अराजकता फैलाने का पूरा एक प्लान तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के लोकतंत्र को कमजोर करने में, देश को तोड़ने के षड़यंत्र में लगी हुई है, इस तरह से वंशवादियों के शासन करने के मंसूबे जनता कभी पूरे नहीं होने देगी।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि भारत का किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी सब लोग ‘‘देश पहले है’’ की फिक्र करते हैं, इन विधेयकों से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा।

उन्होंने कहा कि, कृषि विधेयकों पर कांग्रेस के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह दुष्प्रचार कर रही है। अभी तक किसान अपनी उपज को मंडी में ही बेच सकता था। किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने के लिए मजूबर था।

नए विधेयकों से किसान को स्वतंत्रता मिली है कि वो मंडी की परिधि के बाहर किसी भी स्थान पर, किसी भी व्यक्ति को, किसी भी कीमत पर अपनी उपज बेच सकता है।

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