डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव ने वीआरएस का आवेदन किया, एमएल लाठर या बीएल सोनी हो सकते हैं पुलिस महानिदेशक

जयपुर। राजस्थान पुलिस के मुखिया, यानी पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव 20 नवंबर को वीआरएस लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं। डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव को नियम विरुद्ध 2 साल का एक्सटेंशन दिए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है।

ऐसे में किसी अधिकारी के द्वारा कोर्ट की शरण में जाने पर विवाद में पड़ने से बचने के लिए भूपेंद्र सिंह यादव ने पहले ही वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। यादव ने 10 दिन पहले ही आवेदन किया है।

भूपेंद्र सिंह यादव के पुलिस महानिदेशक के पद से वीआरएस लिए जाने के कारण एडीजी राजीव दासोत और एमएल लाठर के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीएल सोनी इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

हालांकि, 20 नवंबर को जब भूपेंद्र सिंह यादव के वीआरएस का समय पूरा होगा, तब तक नियमानुसार राजीव दासोत और मोहनलाल लाठर इस दौड़ से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में एडीजी भगवान लाल सोनी के अगले पुलिस महानिदेशक बनने की प्रबल संभावना है।

उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र सिंह यादव का 3 महीने बाद 2 साल के एक्सटेंशन का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है। ऐसे में उससे पहले किसी अधिकारी के सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाने की संभावना को देखते हुए उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है।

माना जा रहा है कि बीएल सोनी को पुलिस महानिदेशक बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की खास होने के कारण भूपेंद्र सिंह यादव को आरपीएससी का चेयरमैन, पुलिस विश्वविद्यालय का कुलपति या फिर मुख्य सूचना आयुक्त बनाया जा सकता है।

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राजीव दासोत, मोहन लाल लाठर, भगवान लाल सोनी के बीच पुलिस महानिदेशक बनने में कड़ी टक्कर है, लेकिन जब 20 नवंबर को भूपेंद्र सिंह यादव रिटायर होंगे। उसके बाद मोहनलाल लाठर और राजीव दासोत के रिटायर होने में कार्यकाल केवल 6 महीने से कम का बचेगा, जिसके चलते उनके डीजीपी बनने की संभावना कम है।

वैसे भी भगवान लाल सोनी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा पिछले कार्यकाल में बीएल सोनी को जयपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया था।