सांसद किरोड़ीलाल मीणा की देश के सबसे बड़े सीमेंट उद्योग को शुरू करने की मांग

-संसद के विशेष उल्लेख समय में आज राज्यसभा में डॉ किरोड़ी लाल मीना ने देश के सबसे बड़े सीमेंट उद्योग को पुनः चालू करने के करने का जनहित का मुद्दा उठाया।

जयपुर/नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीना ने देश के सबसे बड़े सीमेंट उद्योग को फिर से शुरू करने की मांग की है।

संसद में आज मीना ने कहा कि राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी सीमेंट फैक्ट्री जयपुर उद्योग लिमिटेड की सारी देनदारियाँ ( Liabilities) समाप्त कर इसे पुनः चालू करने की शर्त पर 1991 में जीडीसीएल कंपनी को दी गई थी।

इस बंद प्लांट को व्यवहार्य ( viable) बनाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा मजदूरों ने करोड़ों रुपए छोड़ दिए थे। सीमेंट फैक्ट्री को चलाने के लिए बीआईएफआर ने 21 जुलाई 1992 को पुनर्जीवित योजना SS-92 की स्वीकृति दे दी थी।

जिसके अनुसार प्लांट को 7 वर्ष के अंदर चलाना था, किंतु 28 वर्ष निकलने के बाद भी जीडीसीएल ने उद्योग चालू नहीं किया।

SICA के अनुच्छेद 22 (3 )के प्रावधान और अनुच्छेद 22 (4)B(1)के अनुसार एवं आरबीआई के अनुसार कंपनी को पुनर्जीवित करने की योजना 7 वर्ष पश्चात स्वत ही समाप्त हो जाती है। किंतु इस संबंध में राज्य सरकार ने दूसरे प्रोमोटर के लिए कोई पहल नहीं की।

सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 24 मार्च 2008 को प्रमोटर का JUL से एकाधिकार समाप्त कर इस उद्योग को किसी भी अन्य प्रमोटर द्वारा पुनः प्रारंभ किए जाने की कार्रवाई के आदेश दिल्ली स्थित रुग्ण इकाई के पुनर्वास से संबंधित न्यायालय AAIFR एवं राज्य सरकार को दे दिए थे।

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जीडीसीएल कंपनी की नियत फैक्ट्री चलाने की नहीं बल्कि इसकी हजारों करोड़ों की प्रॉपर्टी को हड़पने की है। इसलिए 26 वर्ष से जीडीसीएल ने फेक्ट्री को नही चालाया।

किरोड़ीलाल ने सरकार से कहा, “अतःमेरी मांग है कि सरकार इस सीमेंट फेक्ट्री को किसी भी नए प्रमोटर के हाथों में सुपुर्द कर शीघ्र प्रारम्भ कराए, जिससे हज़ारों लोगों को रोज़गार मिल सके।”