किसानों को बहकाने और बरगलाने का काम कर रहे कांग्रेस-वामपंथी दल

-मोदी सरकार के तीनों ही विधेयक क्रांतिकारी हैं, किसान को मिलेगी तरक्की, मजबूती और ताकत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों के उत्थान को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई। तीनों विधेयक दूरदृष्टि वाले हैं, किसान अपनी फसल को आसानी से कहीं भी स्वयं के द्वारा निर्धारित दामों पर बेच सकते हैं: डाॅ. पूनियां

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों के उत्थान को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई एवं हम सब जानते हैं कि इन बुनियादी योजनाओं से आमजन को बहुत लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री का एक ही उद्देश्य है सभी समाज की मुख्यधारा में आएं और सबका सशक्तिकरण हो।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि मोदी सरकार पिछले दिनों तीन बिल लोकसभा में लाई, जो किसानों की तकदीर एवं तस्वीर बदलने वाले हैं।

आवश्यक वस्तु अधिनियम (संशोधन) बिल, किसान उत्पाद व्यापार और व्यवसाय बिल, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि पिछले दिनों संसद में किसानों से सम्बन्धित तीन विधेयक पारित किए गए।

सब जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी और उससे पहले जनसंघ विपक्ष के नाते भी और जब-जब सत्ता और शासन में रहे, तब भी आमजन एवं किसानों के हित में कल्याणकारी फैसले लिये।

उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी की सरकार के समय भी किसानों की दशा सुधारने के लिए बेहतरीन काम हुए, इसमें किसान क्रेडिट कार्ड एक बड़ी उपलब्धि और क्रांतिकारी कदम था, आज देश के करोड़ों किसान ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की सुविधा ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  राशन वितरण में दलितों और आदिवासियों से भी भेदभाव कर रही है, राजस्थान सरकार - अर्जुन मेघवाल


डाॅ. पूनियां ने कहा कि इसी तरीके से फसल बीमा योजना ऐसी महत्वाकांक्षी योजना है जिसका लाभ देश के किसानों को निरन्तर होता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से 2019 के कालखण्ड में मिट्टी परीक्षण (साॅयल टैस्टिंग) और नीम कोटेड यूरिया, फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, ऐसे अनेकों क्रांतिकारी फैसले किए और लगातार देश के किसानों की दिशा और दशा सुधारने के लिए अनेकों ऐतिहासिक निर्णय लिये एवं ये तीनों ही विधेयक भी किसानों की उन्नति के हित में हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश के सभी वर्गों की दिशा और दशा सुधारने के लिए लगातार प्रयत्नशील हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।


उन्होंने कहा कि तीनों बिल किसानों की भलाई के लिए हैं, लेकिन कांग्रेस का सदन में विरोध करना उसके दोहरे चरित्र को दिखाता है। हर चीज में राजनीति करना यह कांग्रेस की आदत हो गई है।

मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट कर चुकी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य था, है और रहेगा, न्यूनतम समर्थन मूल्य का अस्तित्व रहेगा और भविष्य में देखेंगे कि किसानों के उत्पाद के दाम तेजी से बढ़ने में सहायक होंगे।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस पार्टी घोषणा पत्र में किसानों के कृषि सुधारों की बात करती है, दूसरी तरफ उन्ही सुधारों का विरोध करती है, किसानों को बरगलाती है, झूठ बोलती और देश को गुमराह करती है।

यह वही पार्टी है 2013-14 के दौरान कर्नाटक में, मेघालय में, हरियाणा में, हिमाचल में फल व सब्जियों की एमएसपी को डिफाइन कर रही थी।

यह भी पढ़ें :  अशोक गहलोत पर भाजपा ने ताबड़तोड़ हमले किये, क्या है माजरा?

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाये गये तीनों विधेयक दूरदृष्टि वाले हैं, किसानों को सुविधाएं देने का बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसान अपनी फसल को आसानी से कहीं भी बेच सकें और अपने द्वारा निर्धारित दामों पर बेच सकें।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का दूसरा बिल काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग की सभी बाधाओं को दूर करने का है, तीसरा बिल काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर जो विरोधाभास था उसको स्पष्ट करता है।

जो किसान की जमीन पर इनवेस्ट करेगा, लेकिन जमीन पर मिल्कियत किसान की ही रहेगी और जो काॅन्ट्रैक्टर और किसान के बीच में जो एग्रीमेंट होगा, वह प्रोडक्ट आधारित होगा, जमीन आधारित नहीं होगा।

प्रोडक्ट आधारित कीमत, बोनस और वैरियेबल्स तय होंगे। यह तीनों ही विधेयक किसान को तरक्की, मजबूती और ताकत देने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन तीनों बिलों को क्रांतिकारी परिवर्तन मानती है और कांग्रेस का विरोध प्रायोजित है, जो कतई उचित नहीं है।