पायलट का कमाल: हर भर्ती में एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगा पांच प्रतिशत आरक्षण

जयपुर। पिछले दिनों पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एमबीसी आरक्षण के तहत सरकारी भर्तियों में 5% आरक्षण नहीं मिलने का मामला उठाते हुए पत्र लिखा गया था। जिस पर सरकार ने एक्शन लेते हुए स्पष्ट किया है कि हर भर्ती में एमबी सीवर के अभ्यर्थियों को 5% आरक्षण मिलेगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई आरक्षित वर्ग का अभ्यार्थी मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी में भर्ती होता है तो उसकी गिनती आरक्षित वर्ग के आरक्षण कोटे में नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही राज्य सरकार की प्रत्येक भर्ती में अति पिछड़ा वर्ग, यानी एमबीसी के अभ्यर्थियों को 5% आरक्षण दिया जाएगा।

इस मामले को लेकर कार्मिक विभाग ने एक परिपत्र जारी किया है तथा सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, विशिष्ट शासन सचिवों, विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं।

इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कुछ विभागों की शिकायत मिली है कि वहां पर निर्धारित आरक्षण के अनुसार भर्ती नहीं कर रहे हैं और भर्ती मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन होने वाले कैंडिडेट की गिनती भी रिजर्वेशन कोटा में कर रहे हैं जो कतई उचित नहीं है।

इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 13 फरवरी 2019 को जो आदेश जारी किए गए थे, इसमें कहा गया था कि एमबीसी वर्ग को भी राज्य के अधीन सभी सेवाओं में 5% आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है।

अब एक बार फिर से निर्देशित किया गया है कि रिक्त पदों को भरने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के अलावा अति पिछड़ा वर्ग एवं बीसी को भी शामिल करते हुए उसके लिए निर्धारित किया गया 5% आरक्षण का पालन करने का काम करें।

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उल्लेखनीय है कि सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इस बात के लिए शिकायत की थी कि 2013, 2018, 2020 की तमाम भर्तियों में राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे और विधानसभा में पारित किए गए कानून के बावजूद एमबीसी वर्ग को 5% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है।