पायलट के मजबूत योद्धाओं से होगा गहलोत के मंत्रियों का मुकाबला, वो भी उन्हीं के गढ़ में

चिकिसा मंत्री रघु शर्मा, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और कृषि मंत्री लालचंद कटारिया को पायलट कैंप के असर वाले जिलों का प्रभार, रघु शर्मा टोंक-भीलवाड़ा, अशोक चांदना करौली-दौसा, महेश जोशी भरतपुर, हरीश चौधरी नागौर और लालचंद कटारिया को अजमेर का प्रभार

रामगोपाल जाट। राजस्थान में अपने मंत्रियों के जिलों के प्रभात बदले अधिकांश उन मंत्रियों के प्रभार बदले गए हैं, जिनसे अशोक गहलोत सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन इसके साथ ही उनको ऐसे जिले दिए गए हैं, जहां पर गहलोत के मंत्रियों को सचिन पायलट के मजबूत योद्धाओं से उन्हीं के गढ़ में मुकाबला करना होगा।

इस तरह से सचिन पायलट के मजबूत साथियों से मुकाबला करेंगे गहलोत के मंत्री

टोंक-भीलवाड़ा- रघु शर्मा

टोंक जिले का प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को बनाया गया है। टोंक से सचिन पायलट खुद विधायक हैं और यहां पर पायलट के समर्थकों की संख्या बड़े पैमाने पर हैं। पिछले दिनों के पायलट ने अशोक गहलोत के साथ लंबी सियासी जंग के बाद जयपुर से लेकर टोंक तक विशाल और भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया था।

इसलिए चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को टोंक में नए केवल चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, बल्कि इसके साथ ही साथ सचिन पायलट के समर्थकों खासतौर से मुस्लिम, गुर्जर, धाकड़ और जाट समाज का मुकाबला करना भी बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

करोली और दोसा- अशोक चांदना

सचिन पायलट के तोड़ के रूप में गुर्जर समाज से आने वाले खेल मंत्री अशोक चांदना को अपने कैंप का खास सिपाही बनाया गया है। इसके साथ ही अशोक चांदना को दोसा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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अशोक गहलोत सरकार के द्वारा करौली दोसा के प्रभारी मंत्री के रूप में अशोक चांदना को लगाया गया है। संभवत यह भी एक कारण है जो यहां पर गुर्जर बाहुल्य होने के कारण चांदना को जिम्मेदारी सौंपी गई होगी।

किंतु सचिन पायलट कैंप के रमेश मीणा, जीआर खटाणा, पृथ्वीराज मीणा और मुरारी लाल मीणा जैसे कद्दावर नेता इसी क्षेत्र से आते हैं और सभी पायलट खेमे के खास लोग हैं।

पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक लड़ाई शुरू हुई, तब गुर्जर समाज के लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर अशोक चांदना को खूब भला बुरा कहा गया था। ऐसे में उनका यहां पर कितना विरोध होगा इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

भरतपुर- महेश जोशी

भरतपुर से पूर्व मंत्री प्रदेश के कद्दावर नेता विश्वेंद्र सिंह जीत कर आते हैं। पूरे भरतपुर में विश्वेंद्र सिंह की तूती बोलती है। यहां पर भी वोटर्स की बात की जाए तो जाट समाज के बाद गुर्जर और मीणा भी खासी संख्या में हैं। विश्वेंद्र सिंह को सचिन पायलट कैंप का सबसे बड़ा नेता माना जाता है।

मुख्य सचेतक महेश जोशी का हालांकि भरतपुर में ससुराल है, लेकिन पूरे जिले में विश्वेंद्र सिंह के एक इशारे पर किसी भी नेता की बैंड बजाई जा सकती है। सोशल मीडिया पर विश्वेंद्र सिंह के फॉलोअर्स की संख्या और पिछले दिनों की राजनीति की जंग के बाद आसानी से समझा जा सकता है कि महेश जोशी का भरतपुर जाना बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण होगा।

हरीश चौधरी- नागौर

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राजस्व मंत्री हरीश चौधरी जिनको अशोक गहलोत गुट का खासम खास मंत्री माना जाता है उनको नागौर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नागौर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल का वर्चस्व है। हरीश चौधरी व हनुमान बेनीवाल के बीच राजनीतिक अदावत चलती रहती है।

बाड़मेर में सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमला होने के बाद हरीश चौधरी और बेनीवाल के बीच वाकयुद्ध चला था। जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि हरीश चौधरी के इशारे पर ही हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमला करवाया गया था।

इसके अलावा सचिन पायलट के कहने से युवा विधायक मुकेश भाकर और रामनिवास गावड़िया भी नागौर जिले से चुनकर आते हैं। रिछपाल मिर्धा को भी पायलट कैंप से माना जाता है। ऐसे में हरीश चौधरी का नागौर में कैसा स्वागत होगा, इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है।

राजनीति के लिहाज से वैसे भी नागौर को राजस्थान की राजधानी कहा जाता है। यहां पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर बदलने की इच्छाशक्ति रखने वाले नेताओं का जन्म हुआ है। हरीश चौधरी को प्रभारी मंत्री बनाया गया है, किंतु कांग्रेस के ही नेताओं के द्वारा उनका यहां पर बड़े पैमाने पर विरोध किया जाना पक्का है।

लालचंद कटारिया- अजमेर

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया को अजमेर का जिला प्रभारी बनाया गया है। अजमेर में पिछले दिनों कांग्रेस के राज्य प्रभारी अजय माकन के द्वारा संभाग स्तरीय फीडबैक प्रोग्राम के दौरान अशोक गहलोत कैंप के नेताओं का बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था।

अजमेर से सचिन पायलट सांसद रह चुके हैं और उसी दौरान केंद्रीय मंत्री थे, अजमेर में गुर्जर वोटर्स की संख्या भी अच्छी खासी है। इसके साथ ही मसूदा से राकेश पारीक कांग्रेस के विधायक हैं, जो सचिन पायलट कैंप के खास आदमी हैं। यहां पर सचिन पायलट के समर्थकों की संख्या बड़े पैमाने पर बताई जाती है।

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