PM नरेंद्र मोदी और भाजपाध्यक्ष सतीश पूनियां में 6 साल 1 दिन का संयोग

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान में भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया के बीच 6 साल के दरमियान एक समानता जरूर नजर आती है। दोनों नेताओं की उम्र में भले ही करीब 15 साल का अंतर हो, लेकिन दोनों की ताजपोशी में अंतर ठीक 6 साल और 1 दिन का है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 13 सितंबर 2013 को भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में मई 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।

इसी तरह से राजस्थान भाजपा इकाई अध्यक्ष सतीश पूनिया को आज से ठीक 1 साल पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय इकाई के द्वारा प्रदेश भाजपा की कमान सौंपने का ऐलान किया गया था।

इस तरह से देखा जाए तो दोनों नेताओं में अपने-अपने पदों पर ताजपोशी की घोषणा का ठीक 6 साल 1 दिन का अंतर है। दोनों की कार्यशैली लगभग एक जैसी ही है।

दोनों नेता 24 घंटे में से 15 से 18 घंटे काम करने का जुनून रखते हैं एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जा पूरे देश की परवाह करते हुए दिन रात सेवा में जुटे हुए हैं।

दूसरी तरफ राजस्थान के भाजपा इकाई अध्यक्ष सतीश पूनिया भी पिछले 1 साल से राजस्थान में गर्त में जा चुकी भाजपा इकाई को पुनर्जीवित करने के लिए 15 से 18 घंटे बिना कोई अवकाश लिए लगातार काम कर रहे हैं।

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां और भाइयों के अपने परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर दिल्ली में बैठकर पूरे देशवासियों के भविष्य को लेकर चिंता करते हुए दिन रात मेहनत करते हैं।

यह भी पढ़ें :  'PM बाद में तय कर लेंगे, अभी मोदी को हराना है'-UIR

वहीं दूसरी तरफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपने परिवार के साथ रहकर भी परिवार से दूर नजर आने वाले भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया 342239 वर्ग किलोमीटर में बसे राजस्थान के करीब 8 करोड़ लोगों की चिंता कर उनका भविष्य सुधारने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।

दोनों ही नेता आरएसएस की अनुशासित संघ पृष्ठभूमि से आते हैं और दोनों ही नेताओं के द्वारा लंबे समय तक संघ के आशीर्वाद में रहकर भाजपा संगठन की सेवा करने का काम किया गया है।

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 55 साल का राजनीतिक जीवन है, तो दूसरी तरफ राजस्थान इकाई अध्यक्ष सतीश पूनिया का भी लगभग 40 साल का राजनीतिक कैरियर हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक साधारण गुजराती परिवार से संबंध रखते हैं, जो लंबे संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल करने में कामयाब हो पाए हैं। तो सतीश पूनिया भी राजस्थान के रेतीले धोरों वाले चूरु जिले के एक बेहद सामान्य किसान परिवार से आते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को कभी नहीं भूलते और जब तक उनको जमींदोज नहीं कर देते, तब तक चैन से नहीं बैठते हैं, लेकिन इस मामले में सतीश पूनिया थोड़े अलग नजर आते हैं। सतीश पूनिया अपने सियासी दुश्मनों को माफ कर आगे बढ़ने में विश्वास करते हैं।

नरेंद्र मोदी इसी महीने की 17 तारीख को अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह देश की राजनीति का सबसे उच्चतम शिखर छूने में कामयाब हो चुके हैं, वही अगले महीने 24 तारीख को 55वां जन्मदिन मनाने वाले सतीश पूनिया राजस्थान की संगठनात्मक राजनीति का शीर्ष पकड़ने में सफल रहे हैं, किन्तु अभी उनके राजनीति को नई ऊंचाइयां प्राप्त करने का समय बाकी है।

यह भी पढ़ें :  राजस्थान हाईकोर्ट: 6 बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण, जिला जज और जैसलमेर एसपी कराएंगे नोटिस तामील