कांग्रेस सरकार के लिए संकटमोचक बने नेताओं का प्रमोशन, पायलट को जमींदोज करने की फिराक में गहलोत

जयपुर। पिछले महीने जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक जंग शुरू हुआ और उसको लेकर दोनों तरफ से बयानबाजी की गई, इस दौरान सरकार के लिए संकटमोचक बने नेताओं का कांग्रेस आलाकमान ने प्रमोशन किया है।

अशोक गहलोत की सरकार के लिए संकटमोचन करने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला, राज्यसभा सांसद और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को महासचिव बने हैं। तब समन्वय के लिए भेजे गए अजय माकन के द्वारा संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए सरकार बचाने में सफलता पाई थी, उनको सीडब्ल्यूसी में स्थायी सदस्य बनाया गया है।

कांग्रेस आलाकमान के द्वारा तीनो ही नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। इसके साथ ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी में अलवर जिले के पूर्व सांसद भंवर जितेंद्रसिंह को स्थाई सदस्य के तौर पर जगह दी गई है। राजस्थान से ही रघुवीर मीणा को भी स्थाई सदस्य बनाया गया है। राज्य के प्रभारी महासचिव अजय माकन को भी सीडब्ल्यूसी में जगह दी गई है।

राज्य की अशोक गहलोत सरकार को बचाने में भूमिका निभाने वाले रणदीप सुरजेवाला और कैसी वेणुगोपाल को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसके साथ ही अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले भंवर जितेंद्र सिंह और रघुवीर मीणा को सीडब्ल्यूसी में स्थाई सदस्य बनाकर गहलोत को और मजबूत करने का काम किया गया है।

जिस तरह से कांग्रेस आलाकमान है महासचिव प्रभारियों और सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के तौर पर अशोक गहलोत के करीबी लोगों को प्रमुखता दी है, उससे साबित होता है कि सचिन पायलट को जाल में फंसाने के लिए अशोक गहलोत ने लगातार अपनी राजनीतिक सूझबूझ को काम में लेने का काम किया जा रहा है।

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