कांग्रेस के फीडबैक कार्यक्रम में इस तरह से हुई जूतम-पैजार

अजमेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक लड़ाई खत्म करने के लिए कांग्रेस के द्वारा प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की जगह अजय माकन को लगाया गया है।

कांग्रेस में संभाग स्तर पर कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों और विधायकों से फीडबैक ले रहे हैं, जिसको कांग्रेस आलाकमान को एक रिपोर्ट के रूप में सबमिट करेंगे।

अजय माकन का एक दिन पहले ही अजमेर में संभाग स्तरीय फीडबैक प्रोग्राम था, जिसमें कांग्रेस में आपस में ही गुटबाजी खुलकर सामने आई और कार्यकर्ताओं में जूतम पैजार तक की नौबत आ गई।

दरअसल यहां के कार्यकर्ता चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से अच्छे खासे नाराज हैं। बताया जा रहा है कि अजमेर की पूर्व सांसद सचिन पायलट के यहां पर बड़े पैमाने पर समर्थक हैं, जिन्होंने रघु शर्मा पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की।

जब रघु शर्मा मुर्दाबाद और सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे चल रहे थे, तभी अशोक गहलोत के खासम-खास धर्मेंद्र राठौड़ फीडबैक कार्यक्रम से बाहर आए और रघु शर्मा के समर्थक व सचिन पायलट के विरोधी युवाओं को एकत्रित कर अशोक गहलोत के समर्थन में नारेबाजी करने को कहा।

हालांकि धर्मेंद्र राठौर के कहने पर कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए अशोक गहलोत जिंदाबाद और रघु शर्मा जिंदाबाद के नारे लगाए, लेकिन सचिन पायलट के समर्थकों की संख्या अधिक होने के कारण ज्यादा देर तक नहीं ठहर सके और वहां से हटना पड़ा।

इस दौरान विवाद बढ़ने के कारण धर्मेंद्र राठौड़ द्वारा पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस के द्वारा सचिन पायलट के कुछ समर्थकों को ले जाकर गंज थाने में बंद कर दिया।

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इस बात की जानकारी जब कांग्रेस विधायक और सेवा दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश पारीक को लगी तो उन्होंने थाने में सचिन पायलट के समर्थक कार्यकर्ताओं को बनियान में देखकर गुस्सा हो गए।

राकेश पारीक ने न केवल थानेदार को, बल्कि अजमेर पुलिस अधीक्षक और रेंज आईजी तक को लताड़ा और कहा कि जब सरकार कांग्रेस की है और अजमेर से कांग्रेस के वह केवल दूसरे विधायक हैं। ऐसी स्थिति में यदि उनको कांग्रेस के पदाधिकारी और कांग्रेस के कार्यकर्ता इज्जत नहीं देंगे तो इसकी शिकायत हो अशोक गहलोत और कांग्रेस आलाकमान तक करेंगे।

इसके बाद कांग्रेस के पदाधिकारियों और अजय माकन के कहने पर विधायक राकेश पारीक फीडबैक कार्यक्रम में अंदर चले गए बाद में उन को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन इस विवाद के चलते अजय माकन का पूरा फीडबैक कार्यक्रम केवल खानापूर्ति बनकर रह गया।