राजस्थान विश्वविद्यालय का कमाल: दूसरी बार की प्रैक्टिकल फीस के 15 लाख रुपए की वसूली

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में लॉकडाउन के दौरान कमाल करते हुए 2800 विद्यार्थियों से प्रैक्टिकल के नाम पर डबल बार फीस वसूली कर ली।

विश्वविद्यालय महाराजा कॉलेज में अध्ययनरत 2800 विद्यार्थियों जोकि बीएससी और बीसीए के हैं, उनसे प्रैक्टिकल के नाम पर दो बार फीस वसूली हो गई।

इस जबरदस्त लापरवाही को लेकर सामने आया कि परीक्षा के आवेदन करवाने के दौरान फिर से फीस के नाम पर ₹1500000 विश्वविद्यालय के द्वारा वसूल लिए गए।

जब कोरोना का हाल में विश्वविद्यालय के द्वारा प्रैक्टिकल नहीं करवाए गए तो स्टूडेंट्स ने रिफंड की मांग कर दी। दूसरी ओर फीस वापस देने के नाम पर एग्जाम कंट्रोलर और फाइनेंस डिपार्टमेंट के सात महाराजा कॉलेज पत्र व्यवहार करने में व्यस्त है।

आपको बता दें कि राजस्थान विश्वविद्यालय के महाराजा कॉलेज में वर्तमान में बीएससी और बीसीए के लगभग 2800 विद्यार्थी हैं। प्रायोगिक परीक्षा के तौर पर 450 और ₹600 फीस निर्धारित है। विश्वविद्यालय ने साल 2019 2020 के सत्र में प्रवेश देने के समय प्रैक्टिकल फीस के तौर पर रुपए ले लिए थे।

मजेदार बात यह है कि जब महाविद्यालय के द्वारा छात्रों से परीक्षा के फॉर्म भरवाए गए तो प्रैक्टिकल के नाम पर एक बार फिर से फीस की वसूली कर ली। अब स्टूडेंट्स फीस रिफंड के लिए लगातार कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

इस मामले को लेकर महाराजा कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ राम अवतार शर्मा का कहना है कि दूसरी बार फीस वसूली की जा रही थी। कॉलेज प्रशासन ने इस बारे में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को कह दिया था।

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अब कॉलेज के बच्चे फीस लेने आ रहे हैं किंतु हम कुछ भी करने की स्थिति में नहीं है। पैसा भी महाविद्यालय के फंड में नहीं है। परीक्षा की सारी फीस विश्वविद्यालय के खाते में जमा करवाई जा चुकी है।

दूसरी तरफ एक दिन पहले ही कार्य से मुक्त हुए कार्यवाहक कुलपति ने कहा है कि अगर दो बार फीस ली गई है तो रिफंड की जाएगी इसमें कोई दिक्कत की बात नहीं है।