अशोक गहलोत को 27 सितंबर को हाई कोर्ट में तलब, किसानों के मामले में लगा झटका

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 27 सितंबर को राजस्थान हाई कोर्ट में तलब किया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट में आरती गौतम नामक महिला ने याचिका दायर की थी।

जिसकी सुनवाई करते हुए अशोक गहलोत को किसानों का कर्जामाफ करने का प्रलोभन देकर चुनाव जीतने के बावजूद कर्जमाफ नहीं करने के मामले में कोर्ट ने तलब किया है।

याचिका दायर करने वाली आरती गौतम ने इस संबंध में विधानसभा चुनाव के दौरान वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जारी किए गए अपनी पार्टी के मेनिफेस्टो को आधार बनाया गया है।

जिसमें जन घोषणापत्र में कहा गया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर राजस्थान में किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा।

अदालत ने याचिकाकर्ता आरती गौतम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समन जारी कर हाई कोर्ट में तलब किया है।

इस संबंध में अदालत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निर्देश दिए हैं कि 27 सितंबर को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखें।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी के द्वारा दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले जारी किए गए।

घोषणापत्र में वादा किया गया था कि अगर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो 10 दिन के भीतर राज्य के किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा।

लेकिन चुनाव जीतने और सरकार का गठन होने के बाद अशोक गहलोत की सरकार के द्वारा चुनिंदा किसानों का ही कर्जामाफ करने का काम किया गया है।

जिसको लेकर याचिकाकर्ता आर्थिक गौतम ने कहा है कि सरकार ने उनके सारे चुनाव लड़ा है और इसलिए अशोक गहलोत और कांग्रेस के नेता सजा के हकदार हैं।

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