राजस्थान के 7000 कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स के परमानेंट बंद होने की नौबत, 2.50 लाख हो गये बेरोजगार

राजस्थान की 7000 कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स के परमानेंट बंद होने की नौबत आई, 2.50 लाख हो गये बेरोजगार

जयपुर। राजस्थान के 7000 हजार से ज्यादा छोटे—बड़े कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स परमानेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गये हैं। इसके चलते इनमें काम करने वाले कर्मचारी और शिक्षक बेरोजगार हो गये हैं। ये संस्थान सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनको अनुदान दिया जाये, ताकि बेरोजगारी को बढ़ने से रोका जा सके।

उल्लेखनीय है कि कोरानावायरस की वैश्चिक महामारी के चलते देश में 24 मार्च को लॉक डाउन का ऐलान किया गया था, तभी से ये सभी कोचिंग संस्थान और हॉस्टल्स बंद पड़े हैं। राजस्थान में भी पूरे देश की तरह अनलॉक की चौथी प्रक्रिया चल रही है, किंतु पूर देश की तरह राज्य में भी अभी तक विवि, कॉलेज, स्कूल और कोचिंग संस्थानों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।

राजस्थान की 7000 कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स के परमानेंट बंद होने की नौबत आई, 2.50 लाख हो गये बेरोजगार

राज्य में सर्वाधिक कोचिंग संस्थान कोटा में हैं। यहां पर करीब 1500 कोचिंग संस्थान बताए जाते हैं। जिनमें पूरे देशभर से छात्र छात्राएं पढ़ने के लिये आते थे। यहां पर इन कोचिंग संस्थानों के कारण करीब 3000 हॉस्टल्स भी बनें, जो आज करीब पांच माह से पूरी तरह बंद पड़े हैं।

कोटा के बाद जयपुर में कोचिंग संस्थान हैं। तीसरे नंबर पर सीकर आता है। इसके बाद चौथे नंबर पर जोधपुर और उदयपुर हैं। यहां पर भी बड़े पैमाने पर कोचिंग संस्थान और हॉस्टल्स हैं। जयपुर में करीब 1000 कोचिंग संस्थान बताए जात हैं।

राजस्थान की 7000 कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स के परमानेंट बंद होने की नौबत आई, 2.50 लाख हो गये बेरोजगार

छात्रों की बाट जोह रहे मकान मालिक
कोचिंग संस्थान बंद होने के कारण न केवल हॉस्टल्स बंद हुये हैं, बल्कि छात्र छात्राओं के बाहर से आकर शहर में रहने वालों के वापस जाने के चलते बड़े पैमाने पर कमरे खाली हो गये हैं। बहुत सारे गेस्ट हाउस छात्रों की बाट जोह रहे हैं।

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अक्टूबर से पहले खुलने का चांस नहीं
छात्रों को अब अक्टूबर से पहले स्कूल, कॉलेज, विवि और कोचिंग संस्थान खुलते हुये नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब कई छात्रों को उनके परिजन पांच छह साल पूर्व की स्थिति की भांति शिक्षकों के घर पर ही सुरक्षा उपायों के साथ पढ़ने को भेजने लगे हैं।

राजस्थान की 7000 कोचिंग संस्थान और 11000 हॉस्टल्स के परमानेंट बंद होने की नौबत आई, 2.50 लाख हो गये बेरोजगार

डिजिटिल माध्यम बना पढ़ाई का अड्डा
विवि, कॉलेज, स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर पांच माह से ताले पड़े हुये हैं। इसके चलते जहां प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अब डिजिटल माध्यम को अपनाते हुये तैयारी कर रहे हैं, वहीं कॉलेजों ने भी छात्रों को मोबाइल पर ही अध्ययन करवाना शुरू कर दिया है।

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बदल जाएगी आदतें
जिस तरह से करीब 20—25 साल पहले कोचिंग संस्थान के माध्यम से तैयारी शुरू की जाने लगी थी, तब भी इसको अस्थाई बताया जा रहा था, लेकिन धीरे धीरे ये प्लेटफॉर्म स्कूल से भी बड़ा हो गया। अब अचानक से आए बदलाव के कारण कोचिंग संस्थान बंद हैं, लेकिन छात्रों की पढ़ाई चल रही है।

डिजिटल माध्यम को अब छात्रों के परिजन ही नहीं, बल्कि छात्र और कोचिंग संस्थान वाले भी अब इस डिजिटल माध्यम को स्वीकार करने लगे हैं। छात्र भी इसके चलते घर बैठे शिक्षा लेने लगे हैं। आने वाले समय में इसको आदत में स्वीकार किया जाने लगेगा।