एक दिन बाद गहलोत सरकार के खिलाफ फिर बिगुल बजायेंगे सचिन पायलट

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस की 13 जुलाई तक अध्यक्ष रहे सचिन पायलट 1 दिन बाद यानी 7 सितंबर को राज्य के अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ फिर से बिगुल बजाने जा रहे हैं।

7 सितंबर को सचिन पायलट का जन्मदिन है। इस दिन प्रदेश के सभी 33 जिलों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा और सभी जगह पर सचिन पायलट के समर्थकों के द्वारा शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।

हालांकि सचिन पायलट की तरफ से लिखित बयान जारी करते हुए अपने समर्थकों को किसी भी तरह की भीड़ एकत्रित करने या फिर जयपुर में आकर उनको जन्मदिन की बधाई देने से इनकार किया है।

सचिन पायलट ने अपने सभी समर्थकों से कहा है कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के कारण पूरे देश में ब्लड की खास जरूरत है और ऐसे में इस अवसर का फायदा उठाकर अधिक से अधिक रक्तदान किया जा सकता है।

इसके साथ ही सचिन पायलट ने कहा है कि सभी 33 जिलों में उनके समर्थक रक्तदान शिविर का आयोजन करें और वहीं पर उनका जन्मदिन मनाएं, जयपुर में आने की जरूरत नहीं है।

इस बीच सूत्रों का दावा है कि सचिन पायलट के द्वारा अपने जन्म दिवस के दूसरे दिन या तीसरे दिन प्रदेश भर में दौरे करने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। भले ही यह कार्यक्रम केवल दौरे का हो, लेकिन असल में अशोक गहलोत सरकार को घेरने का प्रोग्राम है।

सचिन पायलट इस कार्यक्रम के तहत सबसे पहले पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली जिलों का दौरा करेंगे। इस को लेकर पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, जीआर खटाणा, पीआर मीणा जैसे विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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पूर्वी राजस्थान के बाद सचिन पायलट का इसी महीने में दक्षिणी राजस्थान का दौरा होगा, जहां पर टोंक से वह खुद विधायक हैं। इसके साथ ही उसके आगे कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, डूंगरपुर और उसके आसपास प्रतापगढ़ तक सचिन पायलट के दौरे होंगे।

दक्षिणी राजस्थान के दौरे के बाद उदयपुर और जोधपुर संभाग के दौरे होंगे। बताया जा रहा है कि जोधपुर में बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। क्योंकि जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है और यहां पर सचिन पायलट उनके घर में घुसकर चुनौती देना चाहते हैं।

इसके बाद अगला दौरा नागौर, चूरू, सीकर, झुंझुनू, अजमेर, बाड़मेर और जैसलमेर की तरह के जिलों का होगा। यहां पर नागौर में युवा विधायक मुकेश भाकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सबसे आखिर में अक्टूबर के शुरुआत में सचिन पायलट का अजमेर संभाग का दौरा होगा। अजमेर से सचिन पायलट खुद एक बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं। ऐसे में उनके कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर संख्या है। यहां पर प्रदेश के दौरे का समापन होगा और एक बड़ा कार्यक्रम करने की योजना है।

अपने जन्मदिन के अवसर से प्रदेश का दौरा शुरू कर के सचिन पायलट राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीधी चुनौती देने जा रहे हैं। पिछले दिनों दोनों नेताओं के बीच कथित तौर पर समझौता होने के बाद सचिन पायलट ने जयपुर से लेकर टोंक का एक लंबा शक्ति प्रदर्शन किया था।

इसके साथ ही सचिन पायलट की अभी देख रहे हैं कि केंद्रीय आलाकमान की तरफ से बनाई गई तीन सदस्यों की समन्वय समिति उनकी मांगों पर इस तरह से विचार करो और उनके साथी विधायकों को अशोक गहलोत अपने मंत्रिमंडल में शामिल करते हैं या नहीं।

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एक तरफ जहां सचिन पायलट का प्रदेश का दौरा होगा तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष उनके विधायकों के मांग पत्र पहुंचने लगे हैं, जिन पर यदि वह काम नहीं करते हैं और उनके साथी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाता है तो अक्टूबर या नवंबर में सचिन पायलट फिर से बगावत कर सकते हैं।