राजस्थान की नौकरियों में अब सिर्फ राजस्थान के युवाओं को लिया जाएगा!

जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के द्वारा लंबे समय से राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में केवल राजस्थान के अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग की जा रही है, जिस पर राजस्थान सरकार अब गंभीरता से विचार कर रही है।

एक दिन पहले ही बेरोजगारों को लेकर सरकारी नौकरियों से संबंधित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा यहां तक कह दिया गया कि जिस तरह से दूसरे राज्यों के द्वारा अपने प्रदेश में अपने ही अभ्यर्थियों को मौका देने के निर्देश दिए गए हैं, क्या ऐसे राजस्थान में भी किया जा सकता है।

कार्मिक विभाग प्रशासनिक सुधार विभाग और विधि विभाग के संयुक्त अधिकारियों के समक्ष मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जिस तरह से मध्य प्रदेश की सरकार के द्वारा वहां की सरकारी नौकरियों में केवल मध्य प्रदेश के युवाओं को अवसर दिया जाएगा ठीक है, ऐसे ही रास्ते राजस्थान में भी तलाशने होंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के संरक्षक उपेन यादव के द्वारा पिछले 3 साल से इस बात के लिए संघर्ष किया जा रहा है कि राज्य की सरकारी नौकरियों में केवल राजस्थान के अभ्यर्थियों को मौका देने के नियम बनाए जाएं।

अभी इस प्रकरण को लेकर राजस्थान सरकार ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया था कि मध्य प्रदेश के समस्त सरकारी नौकरियों पर अब केवल मध्य प्रदेश के युवाओं का ही अधिकार होगा।

मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर ही देश के अन्य तीन से चार राज्यों के भीतर भी ऐसा ही नोटिफिकेशन जारी किया गया है। कोविड-19 के वैश्विक महामारी के बाद इसको लेकर सरकारें ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही हैं।

यह भी पढ़ें :  दिल्ली से शेखावाटी तक बरसात, झुंझुनू और अलवर समेत कई जगह ओलावृष्टि

अगर राजस्थान सरकार को लागू करने में कामयाब रही तो राज्य के लाखों बेरोजगारों का सरकारी नौकरी पाने का सपना साकार होगा।