वसुंधरा को परमानेंट दिल्ली शिफ्ट करने की तैयारी, अध्यक्ष सतीश पूनियां के साथ नहीं बिठा पाईं तालमेल

जयपुर। राजस्थान में 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे को परमानेंट दिल्ली शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया को कमान सौंपे जाने के बाद लगातार वसुंधरा राजे के द्वारा उनके नेतृत्व को चुनौती दिए जाने से गुटबाजी बढ़ने के कारण वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय नेतृत्व अपने साथ रखकर प्रदेश में सियासी शांति कायम स्थापित करना चाहता है।

वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भाजपा के दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव हार जाने के बाद उनको और मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था।

वसुंधरा राजे को अमित शाह के राष्ट्रीय टीम में स्थान दिए जाने के बाद भले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान जेपी नड्डा को मिल गई हो, लेकिन उनका पद आज भी कायम है और बताया जा रहा है कि या तो उनको राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या फिर महामंत्री बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर नियमित रखा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजस्थान में पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर के अलावा भूपेंद्र सिंह यादव और दूसरे कई नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है। बताया जा रहा है कि इनको आगे भी यथावत रखा जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्थान में डॉ सतीश पूनिया के नेतृत्व को लगातार परोक्ष रूप से अस्वीकार करने वाली वसुंधरा राजे के कारण राजस्थान में पार्टी दो खेमों में नजर आने लगी है, जिससे निपटने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है।

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यदि वसुंधरा राजे को भाजपा शीर्ष नेतृत्व के द्वारा राजस्थान से निकालकर राष्ट्रीय स्तर पर शिफ्ट किया जाता है, तो माना जाएगा कि 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा किसी नए चेहरे पर दाग लगा सकती है।