क्या सचिन पायलट ने अशोक गहलोत से माफी मांग ली है?

नई दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच जो राजनीति की लड़ाई शुरू हुई थी, उस के दौरान अशोक गहलोत के द्वारा और यातायात मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के द्वारा बार-बार कहा गया था कि अगर सचिन पायलट और उनके साथ ही कांग्रेस आलाकमान से माफी मांग ले तो उनको फिर से गले लगाया जा सकता है।

एक तरफ जहां 14 अगस्त को शुरू हुए विधानसभा सत्र के 2 दिन पहले सचिन पायलट और उनके साथी विधायकों ने मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचकर अशोक गहलोत और संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में पार्टी के एक होने का सबूत दिया, तो दूसरी तरफ एक दिन पहले ही प्रदेश प्रभारी बनाए गए अजय माकन के लिए डिनर पार्टी में भी सचिन पायलट ने अशोक गहलोत से मुलाकात कर फोटो खिंचवाने का काम किया।

उससे पहले जब दोनों नेताओं के बीच में तल्खी चल रही थी, तब अशोक गहलोत के द्वारा सचिन पायलट को निकम्मा नाकारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए काफी भला-बुरा कहा गया था। उस वक्त प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी सचिन पायलट के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अशोक गहलोत और प्रताप सिंह खाचरियावास ने बार-बार कहा था कि अगर सचिन पायलट और उनके साथी विधायक कांग्रेस आलाकमान से माफी मांग लेते हैं तो उनको फिर से गले लगा लिया जाएगा।

अब क्योंकि अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों एकता दिखाने का प्रयास कर रहे हैं और एक तरह से गले लग चुके हैं तो क्या ऐसे में यह माना जा सकता है कि सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान या फिर अशोक गहलोत से माफी मांग ली है?

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अगर सचिन पायलट के द्वारा कांग्रेस आलाकमान से माफी मांग ली गई है तो फिर सवाल यह उठता है कि क्या उन्होंने अशोक गहलोत से भी माफी मांगी है या फिर उनको बिना माफी मांगे ही पार्टी में फिर से ले लिया गया है?

यदि सचिन पायलट के द्वारा कांग्रेस आलाकमान या फिर अशोक गहलोत दोनों में से किसी से भी माफी मांगने का काम नहीं किया गया है तो फिर किन शर्तों पर सचिन पायलट को अशोक गहलोत और प्रताप सिंह खाचरियावास ने माफ करके पार्टी में लेने का काम किया है?

राजनीतिक तौर पर भले ही अशोक गहलोत और सचिन पायलट आज एक होते हुए नजर आ रहे हो, लेकिन उनकी तमाम गतिविधियों से पता ही नहीं लग रहा है कि दोनों लंबे समय तक एक पार्टी में रह सकते हैं!