23 कांग्रेसी गहलोत की जगह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने में जुटे हैं, क्या हो पाएंगे सफल?

23 कांग्रेसी गहलोत की जगह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने में जुटे हैं, क्या हो पाएंगे सफल?

जयपुर।
राजस्थान कांग्रेस में उठा तूफान अब नये रुप में सामने आ रहा है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत में मुख्यमंत्री बनने की जंग में कांग्रेस के दिग्गज 23 नेता सामने उतर आए हैं। इनके ​द्वारा पिछले दिनों ही सोनिया गांधी को पत्र लिखा गया था। बताया जा रहा है कि अप्रत्यक्ष तौर पर सचिन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ही दबाव बनाया गया था।

हालांकि, इनके द्वारा कांग्रेस में आलाकमान से लेकर मंडल स्तर तक परिर्वतन करने की वकालत की गई थी, लेकिन वास्तविकता यह है कि इनके द्वारा सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की जंग छेडी गई है।

इस बीच कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि जिस तरह से 1998 से लेकर अबतक आलाकमान के साथ लॉबिंग कर अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनते आ रहे हैं, अब ठीक उसी शस्त्र से सचिन पायलट भी मुख्यमंत्री बनने के प्रयास शुरू कर चुके हैं।

जिन 23 कांग्रेसी नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, उनमें गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, शशि थरूर, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा, पीजे कुरियन, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक, जितिन प्रसाद, भूपेंदर सिंह हुड्डा, राजिंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज चव्हाण, अजय सिंह, राज बब्बर, अरविंदर सिंह लवली, कौल सिंह ठाकुर, अखिलेश सिंह, कुलदीप शर्मा, योगानंद शास्त्री, संदीप दीक्षित और विवेक तन्खा का नाम सामने आया है।

हालांकि, इस सूच में 300 नेताओं का नाम बताया जा रहा है, लेकिन इन 23 का ही नाम मीडिया के सामने आया है। इसके बाद सोनिया गांधी और गांधी ​परिवार के बचाव में आने वाले नेताओं में अशोक गहलोत, कैप्टन अमरिंदर सिंह, भूपेश बघेल जैसे सत्तारूढ़ लीडर हैं।

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यह सर्वविदित है कि कांग्रेस में जो सत्ता में होता है, वो हमेशा सोनिया गांधी और गांधी परिवार का बचाव करता हुआ नजर आता है, लेकिन जो सत्ता में नहीं होता है, वो परिवर्तन की बात करता है। सोनिया को पत्र लिखने वाले नेता बड़ा परिवर्तन चाहते हैं, ताकि भाजपा से मुकाबला किया जा सके।

इस बार भी वही हो रहा है। एक ओर जहां कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सोनिया गांधी को अध्यक्ष के रुप में देखना चाहते हैं तो बदलाव के बाद अधिकतम राहुल गांधी तक सोच पाते हैं, वहीं युवा नेता चाहते हैं कि या राहुल गांधी अध्यक्ष बनें या फिर गैर गांधी को अध्यक्ष बनाया जाए।

अब जिन 23 नेताओं ने हिम्मत दिखाई है, उनमें से अधिकांश वो ही नेता हैं, जिन्होंने पिछले दिनों अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जंग के वक्त सचिन पायलट के साथ खड़े नजर आए थे। माना जा रहा है कि अब वो नेता दूसरे रास्ते से सचिन पायलट को सीएम बनाने के लिए जुटे हुए हैं।

यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन जिस तरह से सचिन पायलट भी अब अशोक गहलोत को उन्हीं के अस्त्र शस्त्रों से हराने के लिए काम कर रहे हैं। अब तक अशोक गहलोत ने हार नहीं मानी है, लेकिन अब तक सचिन पायलट ने भी हार नहीं मानी है। ऐसे में मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है।

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