सचिन पायलट और प्रताप सिंह खाचरियावास आमने-सामने

जयपुर। राजस्थान में पिछले महीने कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच जो राजनीतिक जंग शुरु हुई उसके बाद पहली बार सचिन पायलट और प्रताप सिंह एक मंच पर साथ खड़े हुए हैं।

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और यातायात मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास आज राजस्थान विश्वविद्यालय में पहुंचे। दोनों के बीच पिछले दिनों जिस तरह से राजनीतिक बयानबाजी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आई थीं, उसके बाद प्रताप सिंह पहले ही बाहर सचिन पायलट का सामना कर रहे थे।

मौका था JEE-NEET परीक्षा की स्थगित करने की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से आयोजित धरने प्रदर्शन का, जिसमें सचिन पायलट उपस्थित रहे। इस दौरान मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री प्रसादी लाल मीणा, विधायक राकेश पारीक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके बाद सचिन पायलट ने राजस्थान विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे। nsui प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी एवं NSUI कार्यकर्ताओ से मुलाकात की सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि कहा कि साथियों आज पूरे देश भर में कांग्रेस पार्टी ने NSUI ने मिलकर देश में आज सबसे बड़ा मुद्दा जो हैं, परीक्षाओं को लेकर इसपर आज पूरे देश भर में धरना रखा है।

प्रदेश की राजधानी में आज हम सब लोग अपनी बात रखने के लिए ईकठ्ठे हुए हैं। यह मुद्दा पार्टी सरकार, विपक्ष इन सबसे ऊपर उठकर मुद्दा हैं। देश और दुनिया में जो आज माहौल बना है, इसको लेकर राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी कांग्रेस पार्टी में बस इतना कहा कि यह जो परीक्षा एक बार स्थिगित हो चुकी है, क्या हम सरकार में बैठे लोग एक बार संवेधनशील होकर पुनर्विचार नहीं कर सकते।

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देश भर में लाखों स्टूडेंट्स को परीक्षा देने बुला रहे हो कोरोना की महामारी का संख्या बल लगातार बढ़ रहा है जो स्टूडेंट्स अपनी परीक्षा देने के लिए जाएंगे।

होटल बन्द हैं, यातायात के साधन बन्द हैं, ग्रामीण क्षेत्र के स्टूडेंट्स कैसे अपने सेंटर और शहर तक जाय पाएंगे? उन शहरी क्षेत्रों में कही कंटेन्मेंट जोन हैं, वहाँ स्टूडेंट्स कैसे निकल पायेंगे।

यह बोल देना की अलग अलग राज्यो में परीक्षा हो रही है, इसलिए हम देश में JEE-NEET की परीक्षा कराएंगे, हम समझते हैं, यह गलत है। लोगों के भविष्य के खिलवाड़ के 11,12 महीने की बात नहीं है, लाखों स्टूडेंट्स के घर मे लोग रहते हैं।

उनको आज आप संक्रमण के खतरे के सामने जान पूछकर लाना चाहते हो। कोई बीमारी पूछकर नहीं होती है, यह किसी के हाथ मे नहीं है। आज सब लोगों को संक्रमण गरीब को, अमीर को संक्रमण हो रहा है।

हम सब लोग कोशिश करते हैं बचने की, लेकिन कब किसको हो जाये। यह मालूम नही, लेकिन जब पता है संक्रमण बढ़ सकता है। फिर भी लाखों स्टूडेंट्स को बसों में, ट्रेनों में पूरे हिंदुस्थान के शहरों में भेजेगे, वहाँ परीक्षा कैसे हो पाएगी।

यह वाजिब चिंता को लेकर पूरे देश में NSUI भूख हडताल कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने पूरी ताकत के साथ इस मुद्दे को उठाने की बात रखी है। आज हम सब स्टूडेन्ट जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए ईकठ्ठे हुए हैं और केंद्र सरकार से मांग करने के लिए की जिद्द करना बुरा है।

क्या कारण है जो आप जिद्द करके परीक्षा करा रहे हैं। हम इसी प्रकार अपनी बात को रखते रहेंगे। और केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि इस मुद्दे पर सवेधनशील होकर पुनर्विचार करे।

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