पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी के भाजपा में लौटने की कवायद तेज

जयपुर।
भाजपा के कद्दावर नेता रहे घनश्याम तिवाड़ी, जो कि अभी कांग्रेस में महज उपाध्यक्ष हैं, उनका जल्द ही भाजपा में लौटने की संभावना है। भाजपा सूत्रों ने दावा किया है कि तिवाड़ी द्वारा भाजपा में शामिल होने की कवायद तेज हो गई है और उनको लेकर केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा निकट भविष्य में ही निर्णय किये जाने की संभावना है।

बीते एक सप्ताह से एक बार फिर से भाजपा कार्यकर्ताओं में चर्चा हो रही है कि प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री, जो कि कभी भाजपा में रहते हुए ही 2013 से 2018 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सिविल लाइन स्थित बंगला नंबर 13 को खाली करने या उसको मुख्यमंत्री आवास घोषित करने को लेकर झंड़ा बुलंद कर चुके हैं, वो अपने आखिरी दिन भाजपा में बिताने की शर्त पर पार्टी में वापसी के लिये जी जान से जुटे हैं।

कहा तो यहां तक जा रहा है कि उनकी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष सिफारिशें करवा चुके हैं। राजनीति की शुरुआत से उंचाइयों के समय हमेशा भाजपा के बड़े नेता के तौर पर पहचान रखने वाले तिवाड़ी इन दिनों गुमनामी का जीवन जी रहे हैं।

दिसंबर 2018 से लेकर अब तक तिवाड़ी के लिए सुर्खियों में आने का केवल एक ही समय आया था, जब उन्होंने अशोक गहलोत के द्वारा रामलीला मैदान में लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले राहुल गांधी के समक्ष कांग्रेस ज्वाइन की थी। उसके बाद कभी भी तिवाड़ी को मीडिया ने कवरेज नहीं किया, हालात यह हो गये कि बीते दो साल के दौरान जिन तिवाड़ी के जन्मदिन पर हर साल त्योहार की तरह मेला लगता था, उनके घर पर चंद लोग ही बधाई देने पहुंचे।

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इस बीच उनको कांग्रेस में रहते हुए जिस संघ की पृष्ठभूमि से तिवाड़ी निकले थे, उस आरएसएस के खिलाफ भी काफी कुछ सुनने को मिला। बताया जा रहा है कि इस तरह कांग्रेस में घुटते जीवन जीना तिवाड़ी के लिये मुश्किल हो गया है और उन्होंने आरएसएस के कई पदाधिकारियों से मिन्नतें कर ली हैं।

आरएसएस के सूत्रों का कहना है कि तिवाड़ी ने संघ के समक्ष एक ही रट लगा रखी है कि उनकी आखिरी इच्छा यही है कि जिस भाजपा में जीवन निकाल दिया, उसी भाजपा में उनका अंतिम समय निकले। संघ सूत्रों के अनुसार दीपावली से पहले तिवाड़ी को भाजपा में लेने का विधिवत कार्यक्रम हो जाएगा।

भाजपा सूत्रों ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के साथ ऐसे नेताओं को जोड़ा जाएगा, जो भाजपा को मजबूत करें और किसी भी तरह से वसुंधरा राजे को कमजोर कर सकें। इसके लिये भी तिवाड़ी काफी मात्रा में उपयोगी साबित हो सकते हैं।