भिखारियों के लिए बनने वाले कानून को लेकर राजस्थान विधानसभा में जोरदार हंगामा

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– अशोक गहलोत सरकार ने 8 साल बाद फिर से भिखारियों का नया कानून बनाने के लिए विधायक किया पेश
जयपुर। राजस्थान में भिखारियों को लेकर राज्य की सरकार के द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया के द्वारा अपने दल के सभी विधायकों के साथ वेल में आकर नारेबाजी की गई और काफी देर तक विरोध प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि जो कानून 2012 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के द्वारा बनाया गया था। वह कानून अभी तक जमीन पर नहीं आया है और उसके बावजूद सरकार उसी तरह का दूसरा कानून बनाने जा रही है तो यह केवल राजस्थान के सदन के लिए ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक तरह से आश्चर्यजनक है।
सदन की कार्रवाई के दौरान भाजपा के द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने गहरी नाराजगी जाहिर की। जिस पर माफी मांगते हुए गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि उनका मन विधानसभा अध्यक्ष के प्रति किसी दुर्भावना से भरा हुआ नहीं है, लेकिन विपक्ष के नाते उनको सुनना भी सरकार का धर्म है और विधानसभा अध्यक्ष का कर्तव्य भी है।
सरकार के द्वारा आज 13 विधायक विधानसभा में पेश किए गए, जिनमें से आठ विधायक लगातार पास होने के बाद सदन में हंगामा हुआ। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ को यूडीएच मंत्री के प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष ने आधे घंटे के लिए सदन से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
राजेंद्र राठौड़ को विधानसभा से बाहर करने पर विपक्ष की तरफ से जमकर हंगामा किया गया और विधानसभा अध्यक्ष के इस निर्णय को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद विपक्ष की तरफ से वेल में आकर प्रदर्शन और नारेबाजी की गई।
सरकार के द्वारा ताबड़तोड़ विधेयक पेश करने और विपक्ष की तरफ से चर्चा नहीं किए जाने के आरोप लगाए जाने के बीच विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित की गई। आखिरकार गुलाबचंद कटारिया के आह्वान पर विपक्ष ने सदन का वाकआउट किया
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