DIPR ने अपंजीकृत को लुटाए लाखों रुपये, किसकी शह पर हुआ खेल?

जयपुर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान (DIPR) द्वारा नियमों को दरकिनार कर अनरजिस्टर्ड (अपंजीकृत) समाचार पत्रों को विज्ञापन के नाम पर लाखों रूपये लुटाए जा रहे हैं।

मज़ेदार बात यह है कि जहां सरकार पैसे बचाने के लिए तरह तरह के जतन कर रही है और अपने खर्चों में कटौती कर रही है, वहीं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान ने 15 अगस्त पर संवाद द्वारा लाखों रुपये का एक विज्ञापन जारी किया गया।

यह विज्ञापन राजस्थान के सभी मान्यता प्राप्त समाचार पत्रों को राज्य सरकार द्वारा जारी दर के अनुसार ही दिया गया। जबकि नियमों से परे विज्ञापन जारी करने के लिए कम से कम मंत्री स्तर पर फैसला किया जाता है।

जिसमें न्यूनतम एक विज्ञापन दस हजार का है, लेकिन सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान के आला अफसरों ने नियमों को धत्ता बताकर अपने चहेतों को इस विज्ञापन से लखपति बना दिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि इस तरह बिना अनुमति के लाखों रुपये लुटाने का काम पहली बार नहीं किया गया है, बल्कि पिछले 3-4 साल से इस खेल को विभाग में बैठा एक अधिकारी अंजाम दे रहा है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान के भ्रस्ट अधिकारिया ने निम्न समाचार पत्रों को 50 हजार, 60 हजार एवं एक लाख रुपयों के विज्ञापन कैसे जारी क़र दिए? जबकि निम्न समाचार पत्र सरकार से मान्यता प्राप्त भी नहीं है-


(Print Media Plan Of DIPR, Government of Rajasthan” Independence Day
Unapproved News papers/Magzines Release Date 15-0B-2020/next issue
S.No. Unapproved News
papers/Magzines Size/Page Amount)

1 Swar Sarita, Jaipur (M) 1 Page Colour 185000

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2 Bharat Oasha, Jaipur (F) Quarter Page 54000

3 Manak, Jodhpur (M) 1 Page Colour 80000

4 First India Jaipur, (D) Quarter Page 60000

5 Sainik Sansar, Jaipur (M) 1 Page Colour 99000

6 Young Times, JaipJur 1 Page Colour 50000

7 Rajasthani Sangam,Jaipur 1 Page Colour 50000

8 Sanchar Jagat,Jaipur 1 Page Colour 50000

Total Amount: 628000.00 rupees.

(अगले क्रम में मनमर्जी से चहेतों को नियमों को धत्ता बताकर मिला एक्रीडेशन)