अशोक गहलोत सरकार ने हासिल किया विश्वासमत, नहीं गिरेगी सरकार

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा लगातार 34 दिन की राजनीतिक ड्रामेबाजी किए जाने के बाद आज राजस्थान विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया।

सरकार के समर्थन में ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल हुआ। विपक्ष में भारतीय जनता पार्टी के 72 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 3 विधायकों के होने की बात कही गई, लेकिन वोटिंग करवाने की जरूरत नहीं पड़ी।

सदन में 11:00 बजे से लेकर करीब 4:15 बजे तक सरकार के द्वारा लाये गए विश्वास प्रस्ताव पर बहस हुई। जिसमें भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ समेत कई विधायकों ने अपनी बात रखी।

सबसे आखिर में सदन के नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार के विश्वासमत के पक्ष में बात करते हुए जहां विपक्ष पर तगड़े हमले किए, वहीं आखिर में एक शेर पढ़कर उन्होंने परोक्ष रूप से सचिन पायलट के द्वारा भाजपा के साथ साजिश में शामिल होने का आरोप भी लगा दिया।

पक्ष और विपक्ष की तरफ से विधानसभा में एक दूसरे पर आरोप लगाए गए। जहां एक तरफ भाजपा ने कहा कि सरकार के भीतर दो खेमे बटे हुए हैं, तो दूसरी तरफ सरकार ने कहा कि भाजपा उनकी सरकार को अल्पमत में लाने का प्रयास कर रही थी।

पिछले करीब 34 दिन से राजस्थान में सरकार और साथ में चलने का दावा विपक्ष की तरफ से किया जा रहा था। जबकि 13 जुलाई को सरकार में शामिल तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के द्वारा एक बयान जारी कर कहा गया था कि उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है।

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