-मुख्यमंत्री ने कहा था कि 124ए गलत हुई तो इस्तीफा दे दूंगा, अब इस्तीफा दें: डाॅ. पूनियां

-राहुल गाँधी और अशोक गहलोत ने 10 दिन में किसान कर्जमाफी की बात की थी, लेकिन आज तक वादा पूरा नहीं किया: डाॅ. पूनियां

-मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश में फैल रहे कोरोना की नहीं, कुर्सी बचाने की है चिंता: डाॅ. पूनियां

-कांग्रेस 55 वर्षों तक लूट और झूठ का खेल खेलती रही और अब बाड़ा संस्कृति का नया अविष्कार किया है: डाॅ. पूनियां

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक गहलोत के जैसलमेर के बाड़े वाले भगवान श्रीराम से रूठ गए दिखते हैं, राहुल गाँधी व प्रियंका गाँधी ने श्रीराम में आस्था को लेकर भी ट्वीट किया था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस वालों ने कोई दीपक, आरती, भजन की फोटो नहीं लगाई। हवाई जहाज, जोगिंग, राखी, बावर्ची, क्रिकेट, सैल्फी और तो और नमाज की भी फोटो आई ही, भली करै रामजी!


भाजपा प्रदेश कार्यालय में डाॅ. सतीश पूनियां ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार असुरक्षित है, भयभीत है, अपने लोगों पर भरोसा नहीं है, विधायक बीमार हो रहे है, जोगिंग करने वालों के पीछे पुलिस लगा रखी है, यह सब ऐथिकली ठीक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत कांग्रेस पार्टी में एकता का दावा करते थे, लोकतंत्र और नैतिकता की बात की, धीरे-धीरे सब चीजें सामने आ रही हंै कि कांग्रेस में कितना लोकतंत्र है और कैसी नैतिकता है।

मीडिया की खबरों से पता चलता है इनके विधायक होटल में एक-दूसरे से मिल नहीं सकते, बातचीत नहीं कर सकते है, जैमर लगा रखा है, सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकते हैं, होटल के अंदर बाड़े में जो विधायक रह रहे हैं, वो मुख्यमंत्री की नजर में संदिग्ध हंै, जिन पर मुख्यमंत्री को विश्वास नहीं है। इसलिए विधायकों को पुलिस के कड़े पहरे में होटल के बाड़े में रखा जा रहा है।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि पहली बात तो बाड़े पर ही ऐतराज है, बाड़े की संस्कृति राज्यसभा चुनाव के दौरान और अब प्रदेश में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर खुद कांगे्रस ने शुरू की।

राजस्थान में बाड़ों की परिभाषा थोड़ी अलग किस्म की होती है, कांग्रेस ने विधायकों के भी बाड़े बना दिये, कांग्रेस ने यह नया आविष्कार और नवाचार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 वर्षों तक लूट और झूठ का खेल खेलती रही और अब बाड़ा संस्कृति को उन्होंने प्रोत्साहन दे रही है।


पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस पार्टी टूट रही है और मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्री बयान जारी कर हमारी पार्टी की फिक्र कर रहे हैं, वो अपने घर को बचायें हमारी चिंता करना छोड़े, हमारे यहाँ सब कुछ बढ़िया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत खुद की पार्टी की चिंता कर लेते तो यह नौबत नहीं आती और ना ही राजस्थान में अराजकता की स्थिति पैदा होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले 2 साल बयान देने में और पत्र लिखने में बिता दिये, उन्होंने अब तक जनहित को लेकर क्या काम किये हैं, राजस्थान की जनता इसका जवाब मांग रही है।


मुख्यमंत्री द्वारा पिछले कई दिनों में की गई घोषणाओं को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में डाॅ. पूनियां ने कहा कि यह आचरण उनका फड़फड़ाने जैसा है, अगर मुख्यमंत्री पहले ही जनहित के कार्य कर लेते तो ऐसी नौबत नहीं आती।

कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में किये गये वादे आज तक पूरे नहीं किये और इनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी ने 10 दिन में किसान कर्जमाफी की बात की थी, लेकिन आज तक वादा पूरा नहीं हुआ है।

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हम राज्य सरकार से मांग करते हंै कि किसानों का कर्जा माफ कर दीजिए, जिससे प्रदेश की जनता का भला हो सके। मुख्यमंत्री गहलोत सिर्फ लीपा-पोती करते हैं और बयानबाजी करते हैं, जनहित के कार्यों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।


मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि इनकी यू-टर्न सरकार है, यह अपनी बात से यू-टर्न लेने में माहिर हैं।

उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि 124ए गलत हुई तो इस्तीफा दे दूंगा, अब इस्तीफा क्यों नहीं देते? राजस्थान तलवार और बात के धणी लोगों की धरती कही जाती है, यू-टर्न लेकर मुख्यमंत्री कितने दिन सरकार चलायेंगे।

विधायकों पर लगायी गई 124ए को लेकर डाॅ. पूनियां ने कहा कि यह गलत लगायी गई, आपने कहा था कि यह झूठ हुई तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, तो अब उनको इस्तीफा दे देना चाहिए।


राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि कोरोना प्रबंधन मंे सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है, कोरोना के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, यह बहुत चिंताजनक है, लेकिन सरकार को ज्यादा चिंता कुर्सी बचाने की है, बाड़े में रहने की है और उनको लगता है कि बाड़े से बाहर आते ही कोरोना हो जायेगा, ये लोग पाॅलिटिकल कोरोना से डर रहे हैं।

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों से यह स्पष्ट हो चुका है कि सरकार की, स्क्रीनिंग की, टैस्टिंग की और उससे उपजी चीजों की लापरवाही का यह नमूना है।


डाॅ. पूनियां ने ट्वीट कर कहा कि सŸाा के शोरगुल में बातें छुप रही हैं, गैर कानूनी फोन टैपिंग, राजद्रोह की धारा 124 लगाना-हटाना, एसओजी और एसीबी सहित पुलिस बेड़े का दुरूपयोग, फेयरमाउंट व सूर्यगढ़ का बाड़ा, राजनीतिक जुगलबंदी, क्या नहीं है इसमें, बाॅलीवुड को फिल्म बनाने के लिए पूरा मसाला मौजूद है।

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