जैसलमेर से आगे विधायकों को कहाँ ले जायेंगे अशोक गहलोत,
आगे तो पाकिस्तान है: डाॅ. सतीश पूनियां

-भाजपा को दोष क्यों देते हैं मुख्यमंत्री गहलोत, सरकार गिर रही है तो बचाना हमारी जिम्मेदारी है क्या: डाॅ. पूनियां
-किसानों का कर्जा तो माफ किया नहीं, मुख्यमंत्री विधायकों को पीपा दे दें, टिड्डी भगाने के काम आयेंगे: डाॅ. पूनियां   
-महात्मा गाँधी के कथन को पूर्ण करने के लिए अशोक गहलोत ने तय कर लिया कि कांग्रेस उनके हाथ से खत्म हो: डाॅ. पूनियां
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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक गहलोत कांग्रेस को टूट से बचाने के लिए विधायकों को जैसलमेर ले गए, सरकार कहाँ तक भागेगी, आगे तो अब पाकिस्तान ही है, अच्छा है। इन सबको एक-एक पीपा और दे दो, टिड्डी भगाने के काम आएंगे, इससे किसानों का कुछ तो भला होगा, किसानों का कर्जा तो आपने माफ किया नहीं।

डाॅ. पूनियां ने ट्वीट कर कहा कि जब कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं, कोई खतरा नहीं है, सब ठीक है तो बाड़ा क्यों, और बिकाऊ कौन है? उनके नाम सार्वजनिक करिये। मुख्यमंत्री को बाड़े में भी विधायकों पर अविश्वास क्यों है? जयपुर से जैसलमेर के बाद आगे तो पाकिस्तान है, हकीकत से कब तक दूर भागेंगे जादूगर जी।

उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत का प्रवचन सुना, दिल्ली जाना कौनसा गुनाह है? आप भी दिल्ली-मुम्बई जाते हो? हम भी भाजपा के काम से बार-बार जाएंगे, तो क्यों बता कर जाएं, यह हास्यास्पद है कि दिल्ली जाने का मतलब सरकार गिराना है, मुख्यमंत्री गहलोत भाजपा को क्यों दोष देते हैं, सरकार गिर रही है तो बचाना हमारी जिम्मेदारी है क्या?

डाॅ. पूनियां ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार इस सत्र में भी विपक्ष द्वारा उठाये जाने वाले मुद्दों का सामना नहीं कर पायेगी, हम पूरी तैयारी के साथ प्रदेश के आमजन के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिये तैयार हैं, पिछले दो सत्रों में भी सरकार घुटने के बल थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जो स्थिति राजस्थान में है, वो कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोनों के लिए आत्मघाती है, मुख्यमंत्री ने भी तय कर लिया होगा कि कांग्रेस उनके हाथ से खत्म हो, महात्मा गाँधी तो नहीं कर पाये, उनके आचरण से लग रहा है कि इस जिद के कारण खुद की पार्टी टूट रही है और वो राजी हो रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धमकियां दे रहे हैं, मुकदमे लगवा रहे हैं, बात लोकतंत्र की कर रहे हैं और तानाशाही उनके खुद के दिमाग में है, गवर्नेंस के नाम पर जीरो हैं। मुख्यमंत्री के इस आचरण से कांग्रेस की तीसरी पीढ़ी विशेषकर युवा नेतृत्व उपेक्षित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की जिद से उनकी सरकार एवं पार्टी पर संकट है, इनके लोग एक्सपोज हो चुके हैं, ऐसे में स्पीकर की निष्पक्षता बची थी, उसको भी इन्होंने तार-तार करवा दिया, जिसके बारे में पूरा प्रदेश अच्छे से जान चुका है।

मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट किये जाने को लेकर डाॅ. पूनियां ने कहा कि जैसलमेर से आगे विधायकों को कहाँ ले जायेंगे, आगे पाकिस्तान आ जाता है, दूसरी तरफ गुजरात है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बात तो करते हैं लोकतंत्र की, नैतिकता की, संविधान की, 2008 और 2018 में बसपा एवं छोटे दलों की बैसाखी के सहारे उन्होंने मैंडेट हासिल किया और किसी ना किसी तरीके से इन विधायकों को मैनेज किया होगा।

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से विधायकों को बाड़ाबंदी में रखा जा रहा है, पूरा प्रदेश और देश देख रहा है, जब कांग्रेस में एकता है, भय नहीं है तो फिर बाड़ा खोल दो, फिर जगह-जगह विधायकों को बाड़े में क्यों रखा जा रहा है?

डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री को किस बात का डर है, आप तो लोकतंत्र के ज्ञाता हो, आपको तो डर होना ही नहीं चाहिये, बाडे़ में रखकर विधायकों को परेशान किया जा रहा है, उनके घरवाले उनसे मिलने के लिए परेशान हो रहे हैं।

आप बाड़ा खोलो, सरकार चलाओ, फेयरमाउंट के बजाए सचिवालय से काम करो, आमजन को काम होगा तो जैसलमेर कैसे जायेगा?

टिड्डी नियंत्रण को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डाॅ. पूनियां ने कहा कि टिड्डी नियंत्रण के मामले में केन्द्र सरकार ने पूरा एक्शन प्लान बनाया है, उसको लेकर काम भी तेजी से चल रहा है, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग के बिना यह सम्भव नहीं है, राज्य सरकार को यह कंफर्ट है कि वो केन्द्र पर झूठे आरोप लगाकर खुद पल्ला झाड़ लेती है।

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जरूरत इस बात की है कि केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार को भी सामंजस्य बनाने की जरूरत है, जिससे इस समस्या का पूरी तरह समाधान हो सके, इसके लिये केन्द्र सरकार की तरह राज्य सरकार के स्तर पर भी ठोस कार्ययोजना की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि टिड्डी नियंत्रण को लेकर केन्द्र सरकार प्रतिबद्ध है, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जो वादा किया था उसे पूरा कर कृषि मंत्रालय द्वारा टिड्डी नियंत्रण के लिए हैलिकाॅप्टर खरीदे हैं, जिनसे छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

इधर, राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने वक्तव्य जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान ”विधानसभा सत्र तय होते ही आसमान छू रहे विधायकों के भाव” की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे चुने हुए जनप्रतिनिधियों, राज्य विधानसभा व लोकतंत्र का अपमान बताया और कहा कि आज राज्य के अंदर पिछले एक माह से कांग्रेस की अंतर्कलह से बने दूषित राजनीतिक वातावरण का पूरा श्रेय कांग्रेस परिवार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जाता है जो अंतर्कलह की वजह से अपने कुनबे को बांधकर नहीं रख सके और अब अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ के नाम पर कांग्रेस के विधायकों को सैर-सपाटे व पांच सितारा होटलों में पुलिस के कड़े पहरे में लुत्फ उठाकर आनंदित कर अपने संभावित विद्रोह को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि विगत 1 महीने पूर्व राज्यसभा के चुनावों में पूरे मंत्रिमंडल के साथ कांग्रेस विधायक दल की 12 दिन की बाड़ेबंदी के बाद अब 16वें दिन पांच सितारा होटल में विधायकों की बाड़ेबंदी जिसे अब 14 दिन ओर बढ़ाकर 1 माह करने का कीर्तिमान स्थापित करने की ओर बढ़ रहे हैं।

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चार्टड प्लेन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर जैसलमेर ले जाकर पांच सितारा होटल में पुनः पुलिस पहरे में कैद करना यह सिद्ध करता है कि राज्य में राजनीतिक भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है।

कांग्रेस पार्टी में परस्पर अंर्तद्वंद्व व अपमानित करने की राजनीति की होड़ के कारण से उत्पन्न राजनीतिक संकट में तटस्थ भाजपा को प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक बार मीडिया के समक्ष आरोपित करने का प्रयास करना अब उनकी आदत में शुमार हो गया है।

राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर हाल ही में 28 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल चार्ज की दर बढ़ाकर राज्य के डेढ़ करोड़ उपभोक्ता जिनकी वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था पूर्व में ही लड़खड़ाई हुई है पर क्रूर प्रहार किया है। वहीं आज देश में सर्वाधिक महंगा डीजल राजस्थान में विक्रय हो रहा है।

विगत 1 वर्ष में राज्य सरकार ने 12 प्रतिशत पेट्रोल व 10 प्रतिशत डीजल में बढ़ोतरी कर जनता को महंगाई से लादने का काम किया है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में पेट्रोल व डीजल पर वैट क्रमशः 26 व 18 प्रतिशत था जो अब बढ़कर क्रमशः 38 व 28 प्रतिशत यानी पेट्रोल पर 12 प्रतिशत व डीजल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई।

राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अगर प्रजातांत्रिक मूुल्यों पर विश्वास करते हैं तो अपने स्वयं की पार्टी के विधायकों को बाड़ेबंदी से मुक्त करें ताकि वे वैश्विक महामारी कोरोना जिनके संक्रमित मरीजों की संख्या अब प्रदेश में 40 हजार पार कर रही है तथा राज्य में लगातार हो रहे टिड्डी के हमलों से त्रस्त किसान व मानसून की बेरूखी के कारण होने वाली सूखे की प्रबल संभावनाओं के कारण अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाकर जन समस्याओं से रूबरू होकर समाधान हेतु राज्य सरकार के माध्यम से प्रयास करें।

राठौड़ ने कहा कि जनता अदृश्य हुई सरकार व मतदाता गायब हुए अपने विधायकों को आक्रोशित मुद्रा में ढूंढ रही है।