बसपा के 6 विधायकों की योग्यता को लेकर भाजपा ने फिर लगाई हाईकोर्ट में याचिका

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों की योग्यता को लेकर एक बार फिर से राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

भाजपा के वरिष्ठ विधायक मदन दिलावर के द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट में रिट लगाई गई है। दिलावर ने कहा है कि सोमवार को उनके द्वारा विधानसभा सचिव के कक्ष में धरना दिए जाने के बाद याचिका निस्तारण की कॉपी मेल किए जाने की बात कही गई, लेकिन मेल पर केवल एक पन्ने में आधी अधूरी जानकारी दी।

उसके बाद आज एक बार फिर से उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सचिव से इस बारे में मुलाकात की तो उनकी तरफ से एक पन्ने की कॉपी देकर इतिश्री कर ली गई।

मजेदार बात यह है कि याचिका का निस्तारण 22 जुलाई को किया गया था, जबकि इसकी कॉपी राजस्थान हाईकोर्ट में विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से 27 जुलाई को पेश की गई।

दिलावर ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष की नीयत में खोट है, यही कारण है कि 22 जुलाई की कॉपी उनको उपलब्ध नहीं करवाई गई, जबकि धरना दिए जाने के बाद भी आधी अधूरी कॉपी दी गई।

इसको लेकर उन्होंने सत्यापित कॉपी के साथ राजस्थान हाई कोर्ट मंगलवार को फिर से याचिका दायर की है। दिलावर ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की तरफ से उनकी याचिका पर 4 महीने तक कोई सुनवाई नहीं की गई और जब सरकार पर संकट खड़ा हुआ तो अचानक से 22 जुलाई को उनके द्वारा बसपा विधायकों के मामले में सुनवाई और निस्तारण नहीं किए जाने को लेकर जब हाईकोर्ट की शरण ली गई तो अचानक से बैक डेट में इसका निस्तारण करके आधी अधूरी कॉपी मेल कर दी गई।

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती के द्वारा अभी सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही गई है।

इसके साथ ही दिलावर ने कहा कि कोई भी पार्टी का किसी भी दूसरी पार्टी में विलय, जबकि वह राष्ट्रीय स्तर की होती है तो उसका दो तिहाई बहुमत के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विलय होता है।

इस तरह से किसी भी राज्य का एक जिला इकाई का विलय नहीं किया जा सकता है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बसपा के द्वारा चुनौती दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा उनकी तरफ से हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका को खारिज करवाने के लिए जानबूझकर 22 जुलाई के पुराने निस्तारण आदेश को कोर्ट में पेश किया गया और मामले को बेवजह नया मोड़ देकर सरकारी संकट को बचाने का प्रयास किया है।