जनता की इम्युनिटी क्षमता अच्छी है, कोरोना से तो प्रदेश की जनता बच जाएगी, कांग्रेस की इम्युनिटी पावर कमजोर लगती है: डॉ. पूनियां

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने और उनकी सरकार को बचाने की बात कहने पर जवाब दिया है।

डॉ. पूनियां ने यहां भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा है कि इस कोरोना के संकटकाल में राजस्थान की जनता की इम्युनिटी क्षमता अच्छी है, इसलिए कोरोना से तो प्रदेश की जनता बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की इम्युनिटी पावर कमजोर लगती है।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा विधानसभाध्यक्ष की विशेष याचिका पर रोक लगाने पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए डॉ. पूनियां ने कहा कि यह पूरा मामला न्यायालय के समक्ष है और जिस तरह से विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा 19 विधायकों को नोटिस भेजे गए हैं, वो राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए उचित नहीं है।

सरकार पर राजनीतिक संकट के बीच सरकार बचाने में जुटी कांग्रेस पर भाजपा अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने कहा है कि कांग्रेस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम लगती है, प्रदेश के कोरोना हालातों को लेकर डॉ. पूनियां ने कहा कि सरकार को जनता का ख्याल नहीं है, लेकिन प्रदेश के जनता की इम्युनिटी पावर अच्छी है, ऐसे में कोरोना की मार से जनता तो बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम लगती है।

डॉ. पूनियां ने इस दौरान पीएम को लिखे पत्र पर कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी नैतिक तौर पर हार मान ली है। साथ ही केरल में विश्व की पहली कम्यूनिस्ट सरकार को कांग्रेस द्वारा अपदस्त करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी को टूटने से नहीं बचा पा रही और बहुमत नहीं रख पा रही है, ऐसे में कांग्रेस को लोकतंत्र याद आ रहा है।

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एक अन्य सवाल के जवाब में डॉ. पूनियां ने कहा कि राज्य में टिड्डियों का हमला, कोरोना का संकट, महामारी के कारण लोगों के रोजगार के मुद्दे पर बात करने और उसपर काम करने के बजाए मुख्यमंत्री अपनी सरकार को लेकर एक होटल में बैठे हैं, जनता पूछने लगी है कि राज्य में सरकार कहां पर है?

ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि खुद भी होटल से बाहर निकलें और मंत्रियों व विधायकों को भी खुला छोड़ें, ताकि वो अपने क्षेत्र में जाएं, जहां पर प्रदेश की आम जनता इस संकटकाल में उनको ढूंढ रही है।

डॉ. पूनियां ने कहा कि जब जब भी इस तरह से विधायिका द्वारा किसी दल की बैठकों में उपस्थित नहीं होने पर नोटिस दिया गया है, तब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं और यह काफी हद तक लाभकारी रहे हैं।

कार्यपालिका, विधायिका और न्यायापालिका भारत के संविधान की खूबसूरती है और उनके अपने अपने काम और महत्व है। जो अभी घटनाक्रम हुए हैं, उसको लोग राजनीति से जोड़ेंगे, किंतु यह सब विषय राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा सबकुछ आसानी से सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए कहा कि जो लोग नैतिकता की दुहाई देते हुए जो पत्र प्रधानमंत्रीजी को लिखा है, उससे पहले उनको कांग्रेस द्वारा 1957 से 1990 के अंतिम तक कई सरकारों को बर्खास्त किया गया, इसलिए मुख्मयंत्री को याद रखना चाहिए कि संविधान की जितनी धज्जियां उड़ाई हैं, फिर किस नैतिकता की बात करते हैं।

सरकार एक बाड़े में बंद है और प्रदेश की आम जनता विपदा से गुजर रही है, किसान टिड्डियों का हमला हो रहा है, राज्य की सरकार ने भाजपा को आरोप लगाने के लिए भाजपा को एक कंफर्ट एजेंसी मान लिया है।

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सरकार द्वारा बार बार भीलवाड़ा मॉडल का दावा कर खुद की पीठ मुख्यमंत्री थपथपाते हैं, किंतु इसका सबसे बड़ा कारण वहां की जनता, वहां के स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और उन लोगों का योगदान था, जो संयम से रहे और कानून व दिशा निर्देशों की पालना की।

जोधपुर मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, किंतु कबूतरों का चौक, कोटा का मॉडल और जयपुर में रामगंज मॉडल को मुख्यमंत्री कभी स्वीकार नहीं करते हैं, जबकि इन मॉडल्स को भी उन्हें स्वीकार करना चाहिए।

इस मामले में विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी के सुप्रीम कोर्ट जाने पर राठौड़ का कहना है कि कांग्रेस के अंतर्द्वंद ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में जाकर खड़ा कर दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई।

देश के संसदीय इतिहास में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के निर्णय नजीर बनेंगे, क्योंकि कई संविधानिक प्रश्न इस दौरान खड़े हो गए। लेकिन राजस्थान का दुर्भाग्य है कि लगातार 14 दिन भी विधायक होटल में हैं।

विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर राठौड़ ने कहा कि कोरोनावायरस को लेकर विचार के लिए बुलाया जाता तो ठीक रहता टिड्डी और प्रदेश के सूखे को लेकर बुलाया जाना चाहिए था।

कांग्रेस का आंतरिक संघर्ष और विशेष सत्र, यह शासन के लिए कलंक के रूप में रहेगा। बीजेपी जिम्मेवार प्रतिपक्ष है, सारी राजनीतिक घटनाओं का मूल्यांकन करना हमारा धर्म है, जो हम कर रहे हैं।