राजस्थान की संस्कृति तिकड़मबाज, बेशर्म, नकारा और निकम्मा जैसे शब्दों की नहीं रही: राठौड़

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री ऐसा लग रहा है कि मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया व भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया को तिकड़मबाज और बेशर्म कहने के बाद आज उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर बड़े हमले किए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री रहे टोंक से विधायक सचिन पायलट को नाकारा, निकम्मा और अपने ही लोगों में झगड़ा कराने वाला व्यक्ति करार दे दिया।

इसको लेकर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि मुख्यमंत्री अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। पहले कभी नेता प्रतिपक्ष के नेता के आगे उन्होंने तिकड़मबाज और बेशर्म जैसे शब्दों से नहीं नवाजा था, आज तो हद कर दी।

उन्होंने 7 साल तक लगातार कांग्रेस के परिवार की अगुवाई करने वाले अध्यक्ष, जिनके हस्ताक्षर से पूरे राज्य की विधानसभा, लोकसभा में उम्मीदवार तय हुए, उन्हें नकारा और निकम्मे जैसे शब्दों से नवाज दिया।

राठौड़ ने कहा कि संवैधानिक और उच्च पदों पर बैठे लोगों को इस तरह की भाषा बोला नहीं जाना चाहिए। राजस्थान की संस्कृति कभी भी एक दूसरे पर व्यक्तिगत व्यक्तिगत हमले करने और छींटाकशी करने की नहीं रही।

यह भी पढ़ें :  मुकेश मीणा पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष निर्वाचित, 28 बरसों में पहली बार