धीरे-धीरे अब वसुंधरा राजे के करीबी लोग बचाव में उतर आए हैं

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जारी उठापटक का अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है, लेकिन इस बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश की 2 बार मुख्यमंत्री रह चुकी वसुंधरा राजे के करीबी लोग, जिनको मुख्यमंत्री रहते हुए वसुंधरा राजे के द्वारा ओब्लाइज्ड माना जाता है, अब वसुंधरा राजे के बचाव में उतर आए हैं।

प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री और भाजपा के नेता रोहित शर्मा, जो कि अलवर से आते हैं, उन्होंने रविवार को एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने की अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच होड़ मची हुई है, इसका भारतीय जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

शर्मा ने इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का बचाव करते हुए कहा कि कुछ लोग वसुंधरा राजे पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं, वह बिल्कुल गलत है और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को इस तरह के लोगों को जवाब देना चाहिए।

इसके साथ ही शर्मा ने कहा कि आज भी राजस्थान की जनता वसुंधरा राजे को प्रेम करती है और ऐसे वक्त में जब राजनीतिक संकट गहराया हुआ है, तो पार्टी के नेतृत्व को वसुंधरा राजे से विनम्र प्रार्थना करके उनको बुलाना चाहिए और उनको नेतृत्व सौंपना चाहिए।

इससे पहले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश मेघवाल और विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने भी वसुंधरा राजे के सिविल लाइन वाले बंगला को खाली कराने के मामले को लेकर बयान दिए थे।

दोनों नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस करके वसुंधरा राजे के बंगले का बचाव किया था। करीब 1 सप्ताह तक राजनीतिक परिदृश्य बाहर रहने के बाद वसुंधरा राजे ने शनिवार को ट्वीट करके कहा था कि वह भाजपा की निष्ठावान कार्यकर्ता हैं, और इस पर किसी को कोई भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

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जिस तरह से वसुंधरा और उनके करीबी नेता धीरे-धीरे एक्टिव होने लगे हैं, उससे साफ है कि वसुंधरा राजे को अब केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से पूछ-ताछ नहीं की जा रही है, परिणाम स्वरुप उनकी छटपटाहट के रूप में यह सब चीजें सामने आ रही हैं।