गृह विभाग की अनुमति के बिना ही गहलोत सरकार ने कराई जनप्रतिनिधियों की फोन टेपिंग

-गृह विभाग की अनुमति के बिना फोन टेपिंग कानूनन अपराध है: कटारिया

-जनप्रतिनिधियों के फोन टेप करवाकर गहलोत सरकार निजता का हनन कर रही हैं

जयपुर। राजस्थान में पिछले 1 सप्ताह से जारी राजनीतिक उठापटक के बीच 2 दिन पहले ही मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के द्वारा कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के तीन ऑडियो टेप सोशल मीडिया पर वायरल करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने अशोक गहलोत और उनकी सरकार को लताड़ पिलाई है।

गुलाबचंद कटारिया, जोकि पिछले कार्यकाल में खुद गृह मंत्री रह चुके हैं, उन्होंने कानूनी पर चिड़ियों की बारीकी को बताते हुए पत्रकारों से कहा कि गृह विभाग की अनुमति के बिना प्रदेश के किसी भी व्यक्ति की फोन टैपिंग नहीं की जा सकती, जबकि यह भी अत्यंत आवश्यक होता है तब करवाई जाती है, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री गृह अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने बिना किसी अनुमति के फोन टैपिंग करवा कर और लोगों की निजता पर हमला किया है।

कटारिया ने यह भी कहा कि राजस्थान के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा है कि फोन टैपिंग करवाने के लिए उनको कोई जानकारी नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि गृह विभाग की तरफ से इस बारे में न तो कोई अनुमति ली गई है और ना ही इस बारे में कोई दिशानिर्देश गृह विभाग की तरफ से दिए गए हैं।

इसके साथ ही गुलाब चंद कटारिया ने अशोक गहलोत सरकार और कांग्रेस के ऊपर हमला करते हुए कहा कि बार-बार कांग्रेस के द्वारा कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत की सरकार को गिराने के लिए भाजपा प्रयास कर रही है, किंतु सरकार या कांग्रेस पार्टी कोई भी इस बात के ने तो सबूत दे रहा है और ना ही इसको लेकर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की गई है।

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ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या राजनीतिक बयान बाजी करने और मीडिया में छपने के लिए ही कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस तरह की झूठी बयानबाजी करते हैं।

इसके साथ ही कटारिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ कांग्रेस के द्वारा लगाए गए आरोपों पर सीबीआई जांच की मांग करती है और उनके द्वारा एक दिन पहले ही जो मुकदमा दायर करने के लिए एप्लीकेशन दी गई है उस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस से अपील की है कि एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच पड़ताल की जाए।

एक सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा कि संजय जैन, जिसको एसओजी ने कथित तौर पर फोन टैपिंग के मामले में गिरफ्तार किया है, उसका भारतीय जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

यदि किसी नेता के साथ उसकी फोटो है तो एक सामान्य सी प्रक्रिया है कि जब कोई सभा होती है या रैली होती है तो कोई भी व्यक्ति किसी भी बड़े नेता के साथ खड़ा होकर फोटो खिंचवा लेता है, इसका आभास नेता को नहीं होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उस फोटो के आधार पर आरोपी को नेता के करीबी होने का दावा कर किसी पार्टी से जोड़ दिया जाए।

कटारिया ने एक बार फिर से अशोक गहलोत और उनकी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, तो विधानसभा के फ्लोर पर आकर टेस्ट दे और उसके बाद बयान बाजी करें कि उनके पास कितने विधायक हैं।

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एक बार उन्होंने फिर कहा कि राजस्थान की सरकार अल्पमत में है और उनके पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत 20 से ज्यादा विधायक राज्य से बाहर बैठे हुए हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा कि पूरे राजस्थान में कोरोना का कहर भरा पड़ा है, किसान टिड्डी दल के हमले और बिजली की बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर परेशान हैं तो दूसरी तरफ राज्य की सरकार एक पांच सितारा होटल में बंद पड़ी हुई है।

उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि राज्य की सरकार को गिराने या फिर किसी भी तरह से स्थिर करने में भाजपा का कोई हक नहीं है, यह लड़ाई कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच महत्वाकांक्षी की लड़ाई है और इस झगड़े को उन्हें अपने घर में बैठकर सुलझाना चाहिए ना कि बार-बार भाजपा पर आरोप लगाना चाहिए।

कैलाश मेघवाल के द्वारा प्रदेश में सरकार के कुछ लोगों के द्वारा विपक्षी दलों के साथ मिलकर और ट्रेडिंग करने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि हॉर्स ट्रेडिंग करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भाजपा की तरफ से हो ट्रेडिंग की जा रही है।