केंद्र की फटकार के बाद राजस्थान के सियासी संग्राम में कूदीं वसुंधरा राजे

जयपुर। पिछले करीब 1 सप्ताह से राजस्थान की राजनीति में जो घटनाक्रम चल रहा है उसमें लगातार 6 दिन से चुप्पी साधे हुई बैठी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी कूद पड़ी हैं।

वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर लिखा “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के आंतरिक कलह का नुकसान आज राजस्थान की जनता को उठाना पड़ रहा है।

ऐसे समय में जब हमारे प्रदेश में कोरोना से 500 से अधिक मौतें हो चुकी है तथा करीब 28000 लोग कोरोनावायरस पॉजिटिव हैं, ऐसे समय में किसानों के खेतों पर टिड्डियां लगातार हमले कर रही हैं, ऐसे समय में जब हमारी महिलाओं के खिलाफ अपराध ने सीमाएं लांग दी हैं, ऐसे समय में जब प्रदेशभर में बिजली समस्या चरम पर है और यह तो केवल मैं कुछ ही समय बिता रही हूं।

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कांग्रेस, भाजपा और भाजपा नेतृत्व पर आरोप लगाने का प्रयास कर रही है। सरकार के लिए सिर्फ और सिर्फ जनता का हित सर्वोपरि होना चाहिए। कभी जनता के बारे में सोचिए।”

माना जा रहा है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लगातार वसुंधरा राजे की चुप्पी पर उनको सक्रिय रहने और गहलोत सरकार पर हमलावर होने के लिए कहा गया है।

सूत्रों का दावा है कि लगातार एक सप्ताह तक चुप रहने और उनके खेमे के द्वारा सरकार बचाव करने के आरोपों के बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को फटकार भी लगाई गई है।

गौरतलब है कि राजस्थान की सरकार पिछले 6 दिन से दिल्ली रोड पर स्थित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्वामित्व वाली एक होटल में कैद है और राज्य में उपमुख्यमंत्री के अलावा दो मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है।

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राज्य की सरकार अल्पमत में बताई जा रही है। ऐसे वक्त में वसुंधरा राजे के लगातार चुप्पी के सवाल खड़े हो रहे थे। आज वसुंधरा राजे ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए परोक्ष रूप से अशोक गहलोत सरकार पर हमला बोला है।

इधर उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि प्रदेश के हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा में हद हो गई है। मुख्यमंत्री निवास पर उनके ओएसडी लोकेश शर्मा ने सीएम निवास के अंदर जनप्रतिनिधियों के फोन टेप करने का सिलसिला लंबे समय से जारी था और आज भी जारी है।

मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह के इस बयान के बाद साफ हो गया है गैरकानूनी कार्य सीएम हाउस से संचालित हो रहा है।

एसीएस गृह ने किसी भी एजेंसी को अधिकृत नहीं किया है, इससे स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस में आपाधापी मची है, तब राजस्थान के मुख्यमंत्री के इशारे पर जनप्रतिनिधियों के तरीके से जारी किया है।

इसलिए लोकेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई होनी। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार ने फ्यूल चार्ज के नाम पर एक करोड़ 40 लाख उपभोक्ताओं के ऊपर 58 पैसे प्रति यूनिट कक बढ़ोतरी की है।

अपने जन घोषणापत्र में वादा किया था बिजली दरें नहीं बढाई जाएगी, लेकिन पहले 6 फरवरी को 14 प्रतिशत बढ़ाया गया और अब 58 पैसे प्रति यूनिट 1 करोड़ 40 लाख उपभोक्ता से वसूल करना, कोरोना महामारी में बढ़ाए गए हैं, यह राज्य सरकार का कृत्य निंदनीय है।