प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को ढूंढ रही है

राजस्थान की सरकार कितने दिन तक
बाड़े में बंद रहेगी: डाॅ. सतीश पूनियां

मुख्यमंत्री निवास बना हुआ है
फर्जी आॅडियो वायरल करने का केन्द्र: डाॅ. पूनियां

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं: गुलाबचंद कटारियां

कांग्रेस पार्टी के अन्दर चल रहा अर्तकलह एवं विग्रह,
दोष भाजपा पर लगा रहे हैं: कटारियां

अपने बेटे की हार को नहीं पचा पा रहे हैं मुख्यमंत्री गहलोत,
गजेन्द्र सिंह पर लगाये झूठे आरोप: राजेन्द्र राठौड़

फर्जी आॅडियो लीक में मुख्यमंत्री के ओएसडी की भूमिका संदेह के घेेरे में,
सीबीआई से हो जांच: राठौड़

जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह के ऊपर कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा झूठे आरोप लगाये गये हैं और उन्हें षड्यंत्र के तहत बदनाम करने की साजिश की जा रही है।


डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा चलाये जा रहे राजस्थान के पाॅलिटिकल थियेटर मंे अब एक कथित आॅडियो टेप का जिक्र किया गया है, जिसमंे केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के शामिल होने की भी बात कहीं गई है, यह फर्जी आॅडियो टेप कांग्रेस की गहलोत सरकार ने गजेन्द्र सिंह शेखावत के खिलाफ मनगढंत रची गई एक झूठी साजिश हैै।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि इस फर्जी आॅडियो टेप का स्टेटस क्या है? इसे किसने जारी किया है? इस टेप की सत्यता क्या है? इनके पास आॅडियो टेप कहां से आये? क्या इनकी जांच हुई?

किस हैसियत से मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने यह जारी किये? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास फर्जी आॅडियो वायरल करने का केन्द्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री गहलोत कहते थे कि उनकी पार्टी मंे एकता है, तो राज्यसभा चुनाव मंे क्यों 10 से अधिक दिनों तक विधायकों को बाड़ेबंदी मंे रखना पड़ा।

उन्होंने कहा कि और अब सरकार को बचाने के लिए क्यों विधायकों कोे बाड़ेबंदी मंें रखा हुआ है। जब मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी के विधायकों पर विश्वास है, तो फिर क्यों बाड़ेबंदी की जा रही है।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक इन्टरव्यू में कहा था कि जब वे सांसद बने तो सचिन पायलट 3 साल का था और अभी वो हमारे साथ आ जाये तो मैं उन्हें गले लगा लूंगा। इससे पहले गहलोत ने कहा था कि डेढ साल से हम दोनों के बीच कोई बेहतर संवाद नहीं है, तो यह दोगली बाते क्यों।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मंे नेताजी सुभाष चंद बोस से लेकर आज तक तमाम वरिष्ठ नेताओं को बेइज्जत कर हाशिये पर किया गया, जिनमंे बाबू जगजीवन राम, नरसिम्हा राव, माधवराव सिंधिया, राजेश पायलट, नटवर सिंह जैसे तमाम नेताओं की उपेक्षा की गई और आज भी नई पीढ़ी के साथ ऐसा ही किया जा रहा है, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट का कांग्रेस से मोहभंग होना भी इसी बात का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विखण्डन भी इसका उदाहरण है ममता बनर्जी, शरद पंवार, जगन रेड्डी जैसे नेताओं की भी इनकी पार्टी में उपेक्षा की गई थी।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि घमंड मंे चूर गहलोत सरकारी मशीनरी का खुलेआम दुरूपयोग कर रहे हैं, पिछले दिनों बीटीपी के विधायक को पुलिस द्वारा बन्धक बनाया गया और उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली, हमारे द्वारा इस मामले का उठाये जाने पर विधायक को पुलिस ने छोड़ा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय 124ए का जिस तरह दुरूपयोग किया जाता था, उसी तरह इंदिरा गांधी सरकार मंे भी किया जाता था और अब यही मुख्यमंत्री गहलोत प्रदेश मंे कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस संजय जैन नाम के व्यक्ति को एसओजी ने गिरफ्तार किया है, उसका हमारी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है, वो और उसका परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने हमारी पार्टी को बदनाम करने के लिए एक पूरा ड्रामा फ्रेम किया है, जिसके बारे मंे पूरी प्रदेश की जनता जान चुकी है।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि खुद की कुर्सी बचाने के लिए विचलित और हताश मुख्यमत्री गहलोत राजस्थान की सरकार को कब तक बाड़ेबंदी से चलायेंगे और कब तक मंत्री एवं विधायक बाड़ेबंदी मंे फुटबाॅल खेलते रहेंगे, इसका जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना प्रबन्धन पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है, कोरोना के प्रदेश मंे 6 हजार से अधिक एक्टिव केस हैं और 500 से अधिक अब तक मौत हो चुकी हंै, लेकिन इस तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

सरकार सिर्फ विधायकों की बाड़ेबंदी, भाजपा को बदनाम करने एवं अन्य पार्टियों के नेताओं को डराने-धमकाने में लगी हुई है।


एक सवाल के जवाब में डाॅ. पूनियां ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष के समक्ष उनकी पार्टी की तरफ से करीब 4 महीने पहले बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन उक्त प्रकरण में एक भी सुनवाई नहीं हुई, ना किसी को नोटिस जारी किए गए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन पायलट और कांग्रेस के अन्य 19 विधायकों के खिलाफ रात को 2 बजे विधानसभा सचिवालय खुलवाया और रात को ही नोटिस जारी भी कर दिए और सुबह जल्दी तमाम विधायकों के आवास पर चस्पा भी कर दिये, इससे जाहिर होता है कि विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका संदेह के घेरे में है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की तरफ से बसपा विधायकों के मामले को एक बार फिर से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर की जायेगी।


उन्होंने कहा कि रणदीप सुरजेवाला और खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इतना पता नहीं है कि बिना किसी सबूत के किसी सम्मानित व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाना ना केवल गैरकानूनी है, बल्कि मानहानि के तहत आपराधिक की श्रेणी में भी आता है।

रणदीप सुरजेवाला ने जिस तरीके से इस आॅडियो टेप को लेकर जो आरोप केन्द्रीय मंत्री पर लगाये हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि जैसे खुद सुरजेवाला एसओजी के डीजी हांे।

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उन्होंने कहा कि गजेन्द्र सिंह खुद कह चुके हैं कि अगर अशोक गहलोत सरकार दुनिया की किसी भी बड़ी से बड़ी जांच एजेंसी से जांच करवाना चाहती है तो करवा सकती है, वे इसके लिए तैयार हैं।


प्रेसवार्ता मंे नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गृह मंत्रालय की तरफ से एक स्पष्ट और लिखित आदेश के द्वारा ही किसी भी व्यक्ति की काॅल रिकाॅर्डिंग की जा सकती है, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार में बैठे हुए लोगों ने किस आधार पर किसी भी व्यक्ति की काॅल रिकाॅर्डिंग की।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह के फर्जी आॅडियो टेप वायरल किए गए हैं, उससे साबित होता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अन्दर अर्तकलह एवं विग्रह है, उनके घर के अन्दर लड़ाई है, जिससे पूरा प्रदेश बाकिफ हैं।


उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री के खिलाफ जिस तरह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार कुचक्र रच रही है, बदनाम करने के लिए साजिश रच रही है, उससे साफ होता है कि जोधपुर में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अशोक गहलोत के बेटे की गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने हुई करीब तीन लाख वोटों की हार को अब भी गहलोत पचा नहीं पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फर्जी आॅडियो लीक मंे मुख्यमंत्री के ओएसडी की भूमिका संदेह के घेरे में है, इस मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए।


पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. पूनियां ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया हमारे पार्टी की वरिष्ठ एवं सम्मानीय नेता है और हमारा उनसे बराबर संवाद है।