खुलासा: सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद से कम कुछ भी स्वीकार नहीं, विवाद का आज निपटारा चाहता है कांग्रेस आलाकमान

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री की जंग को लेकर आज पटाक्षेप होने की संभावना है। राज्य के उपमुख्यमंत्री को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान आज ही इस पूरे विवाद का निपटारा करने के मूड में है। दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका वाड्रा आज जयपुर आ सकती हैं।

दूसरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ उनके खेमे के तमाम विधायक दिल्ली रोड पर स्थित एक निजी होटल में आज दूसरे दिन भी एंजॉय करते हुए नजर आए।

प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने खेमे के विधायकों और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश भाकर के साथ गुरुग्राम के एक निजी रिसोर्ट में लगातार रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

सचिन पायलट के में की तरफ से दावा किया जा रहा है कि उनके साथ कांग्रेस के 30 से ज्यादा विधायक हैं और इसके अलावा कुछ निर्दलीय विधायक भी सचिन पायलट के समर्थन में खड़े हुए हैं।

दूसरी तरफ सोमवार को जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास में मीडिया के समक्ष अपने खेलने की विधायकों और मंत्रियों की परेड करवाई, तो साथ ही दावा किया कि उनके समर्थन में 109 विधायक हैं।

हालांकि पत्रकारों के द्वारा जब तमाम समर्थक विधायकों की सूची मांगी गई तो मुख्यमंत्री कार्यालय और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की तरफ से साफ इंकार कर दिया गया। इससे मुख्यमंत्री के समर्थक विधायकों को लेकर मीडिया में भ्रम की स्थिति ज्यादा बनी हुई है।

यह भी पढ़ें :  पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद कांग्रेस असदुद्दीन ओवैसी का इलाज करेगी!

माना जा रहा है कि आज सचिन पायलट को मनाने के लिए एक बार फिर से कांग्रेस आलाकमान की तरफ से प्रयास किए जाएंगे, उसके बाद भी अगर वह मानने को तैयार नहीं होते हैं तो दोपहर बाद तक या शाम तक उनको पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।

इस बीच केंद्रीय कांग्रेस नेताओं के तमाम प्रयास के बावजूद सचिन पायलट टस से मस नहीं हुए हैं। रणदीप सुरजेवाला से लेकर अजय माकन और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे से लेकर खुद राहुल गांधी के द्वारा फोन पर वार्ता किए जाने के बावजूद सचिन पायलट पीछे नहीं हट रहे हैं।

पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इंतजार की मुद्रा में देखा जा रहा है। जबकि सोमवार को ही बीजेपी आईटी सेल के मुखिया की तरफ से कांग्रेस की अशोक गहलोत वाली सरकार को अल्पमत में होने के कारण फ्लोर टेस्ट की मांग की गई है।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि आज राजस्थान की राजनीति में बड़ा महत्वपूर्ण दिन है। राज्य की अशोक गहलोत सरकार के भविष्य को लेकर आज फैसला हो सकता है, तो दूसरी तरफ सचिन पायलट के राजनीतिक भविष्य पर से भी आज ही पर्दा उठने की संभावना है।

इधर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से राज्य की भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां के साथ संपर्क कर लगातार अपडेट प्राप्त की जा रही है। राज्य भाजपा की कमान निर्वाचित रूप से दिसंबर में डॉ. सतीश पूनियां को सौंपने के बाद तमाम गतिविधियां भी केंद्रीय नेतृत्व के साथ डॉ. पूनियां ही निपटा रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने और देश को तोड़ने के षड़यंत्र में लगी हुई है: डाॅ. पूनियां