इस कारण दिया कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने गहलोत सरकार से इस्तीफा

lalchand katariya congress
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जयपुर।
लोकसभा चुनाव की हार के बाद राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने अपना इस्तीफा दे दिया, जिसको लेकर तरह तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन उसके पीछे की असल वजह जानने का हमने प्रयास किया तो कुछ निष्कर्ष निकलकर सामने आ रहे हैं।

सबसे पहले वजह तो यही है कि उनके ​खुद के बूथ से और जहां से वह चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं, वहां से कांग्रेस को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते उन्होंने नैतिकता दिखाते हुए इस्तीफा दिया है।

दूसरा कारण यह है कि राहुल गांधी ने एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ और पूर्व मंत्री पी चितंबरम को लताड़ लगाने के कारण कटारिया ने मिशाल पेश करते हए इस्तीफा दिया है।

तीसरी वजह यह भी हो सकती है कि लालचंद कटारिया सचिन पायलट खेमे से माने जाते हैं। सचिन पायलट अभी मीडिया के सारे सीन से गायब हैं। वो न तो कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में शामिल हुए न ही अभी तक कोई बयान दिया है।

बताया जा रहा है कि सचिन पायलट पर्दे दे पीछे ही इस बार सारा खेल खेल रहे हैं, ताकि बुरा भी नहीं बना जाए और जादूगरी को भी मात दी जाए।

वैसे जादूगरी इस बार फीकी पड़ती नजर आ रही है। ताबड़तोड़ हमलों के बीच जादूगर को सफाई देनी पड़ रही है, और आलाकमान के यहां पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ऐसे में शायद सचिन पायलट के इशारे पर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने खुद अशोक गहलोत पर नैतिकता के दबाव बनाने के लिए इस्तीफे की पेशकश की है। क्योंकि अशोक गहलोत भी खुद अपने बूथ और अपने विधानसभा क्षेत्र से बुरी तरह हारे हैं।

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एक कारण यह भी हो सकता है कि राजस्थान में राजनीतिक समीकरण बदलने वाले हैं। जिस तरह की बातें सामने आ रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा बदलाव या झटका कांग्रेस पार्टी को लग सकता है।

पांचवी वजह यह है कि राजस्थान में किसान कर्जमाफी को लेकर खूब हल्ला किया गया, लेकिन उसका फायदा न तो जनता को मिलता हुआ दिखाई दिया और न ही कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिला। ऐसे में कृषि मंत्री होने के नाते जिम्मेदार लेते हुए कटारिया ने इस्तीफा दिया है।

छठा कारण राज्य की राजनीति के करवट बदलने के कारण पर्दे के पीछे के खेल में कटारिया को मुख्यमंत्री बनाने का भी हो सकता है। इस्तीफे के बाद कटारिया जनता की नजर में हीरो बन जाएंगे और गहलोत विरोधी गुट इसका फायदा उठाते हुए कटारिया पर दांव खेल सकता है।

उप मुख्यमंत्री बनकर पांच माह ‘शिवजी’ की तरह जहर पीने वाले सचिन पायलट को लेकर तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वह मौके का इंतजार करेंगे और जैसे ही गहलोत पर वार करने का असवर मिलेगा, तभी पायलट उनपर हमला कर देंगे। संभवत: यही वह अवसर है।

वैसे खास बात यह है कि खुद लालचंद कटारिया ने न तो इस्तीफा देने की पुष्टि की है और न ही उसका खंड़न किया है। ऐसे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।