कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी, वो हमें मंजूर नहीं: विधायक मुकेश भाकर

जयपुर।
राजस्थान के युवा विधायकों में से एक और नागौर की लाडनूं विधानसभा सीट से पहली बार चुनकर आए कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला है। राजस्थान विवि में एनएसयूआई का टिकट नहीं मिलने पर ​निर्दलीय छात्रसंघ का चुनाव लड़कर बरसों पहले ही अपने इरादे दिखा चुके भाकर ने गहलोत और कांग्रेस पर भी हमला किया है।

मुकेश भाकर ने ट्वीट कर लिखा है, ‘जिंदा हो तो नजर आना जरुरी है, उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरुरी है। कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी, वो हमें मंजूर नहीं।’ रात को 8.01 बजे किये गए इस ट्वीट ने अशोक गहलोत की चूलें हिलाकर रख दी हैं। भाकर के ​बगावती तेवर देखने के बाद अब यह निश्चित हो गया है कि अन्य युवा विधायक भी कांग्रेस में बगावत कर सकते हैं।

उनके ही साथी रहे कुचामनसिटी से विधायक रामनिवास गावडिया भी अब बगावत कर सकते हैं। दोनों युवा विधायक नागौर से चुनकर आए हैं, जहां की धरती को राजनीति की प्रयोगशाला कहा जाता है। दोनों विधायकों को कभी हनुमान बेनीवाल का समर्थक माना जाता था।

हालांकि, दोनों ही विधायकों समेत 21 अन्य विधायकों के संयुक्त बयान जारी करवाकर गहलोत ने अपनी सरकार के खिलाफ बगावत रोकने का प्रयास किया था, लेकिन यह बगावत रुकने के बजाए बढ़ने लगी है।

उस संयुक्त बयान के उलट आज भाकर ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। भाकर और गावडिया को पायलट गुट से माना जाता है। क्योंकि पायलट ने ही इन युवाओं को टिकट देकर पार्टी में युवा विंग तैयार करने का बीडा उठाया था, वरना गहलोत तो अपने यस मैन पुराने नेताओं को टिकट देकर मैदान में उतारते रहे हैं।

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माना जा रहा है कि अब कांग्रेस में सभी युवा विधायक धीरे धीरे सचिन पायलट के साथ आ सकते हैं। जिनमें नागौर से ही चेतन डूडी भी शामि हैं। इनके अलावा भी कई विधायक हैं, जिनमें अबरार अहमद जैसे नेता भी हैं।