गहलोत सरकार पर संकट: पायलट समेत 41 विधायकों के भाजपा में जाने की चर्चा

अशोक गहलोत सरकार सिंधिया, सारा पायलट समेत चौतरफा हमला

जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ सकती है। राहुल गांधी और सचिन पायलट के पुराने मित्र और हाल ही में मध्य प्रदेश की कांग्रेस वाली सरकार को गिराने में कामयाब रहे राज्यसभा से भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को अशोक गहलोत के द्वारा कांग्रेस पार्टी में ही साइलाइन करने उनका अपमान करने और उनके साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक ट्वीट करके अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों को टैग किया है। दूसरी तरफ सारा पायलट ने ट्वीट करके कहा है कि जिस व्यक्ति ने 5 साल तक गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में अपनी एड़ियां रगड़ी, उसके साथ आज ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।

हालांकि, सारा पायलट के नाम से जिस टि्वटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, वह वेरीफाई नहीं है। दूसरी तरफ इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के कोई भी नेता बोलने को तैयार नहीं है।

हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान से पुराने नेता ओम प्रकाश माथुर ने कपिल सिब्बल के द्वारा ट्वीट किए जाने को रही रीट्वीट करते हुए कहा है कि “राजस्थान जहां हरा-भरा है, वहीं कुचलें मारने में मज़ा आता है, सूखे में खुर टूट जाते हैं।”

दोनों ही तरफ से पार्टियां ट्वीट-ट्वीट का खेल खेल रही हैं, लेकिन अभी तक कि किसी की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

कांग्रेस की प्रदेश के एक प्रवक्ता के द्वारा कहा गया है कि उनकी पार्टी को कोई खतरा नहीं है और विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट उपस्थित होंगे।

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जिन तीन विधायकों के खिलाफ एसओजी ने मुकदमा दर्ज किया है, उन तीनों ने गहरी आपत्ति जताते हुए कहा है कि राज्यसभा में जरूरत के वक्त वोट लेने के बाद उनको कांग्रेस द्वारा राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार द्वारा भुला दिया गया है।

इसी प्रकरण में राजस्थान भाजपा की तरफ से आज भी केवल यही कहा गया कि यह कांग्रेस के अंदर का मामला है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बेवजह इसको भाजपा के माथे मढ़ना चाहते हैं।

फिलहाल जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के 25 से लेकर 30 विधायक गुरुग्राम में ठहरे हुए हैं और खुद सचिन पायलट की भी राहुल गांधी के साथ मुलाकात होने की संभावनाएं जताई जा रही है।

इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि सोमवार तक यदि राहुल गांधी की सचिन पायलट के साथ मुलाकात नहीं होती है तो निश्चित रूप से उनके साथ कांग्रेस के करीब 40 विधायक टूटकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

राजनीतिक हलकों में जो चर्चा है वह स्पष्ट तौर पर अब सचिन पायलट के लिए करो या मरो की स्थिति बताई जा रही है कहा जा रहा है कि सचिन पायलट सोमवार को अपने जीवन का सबसे बड़ा फैसला ले सकते हैं।

दूसरी तरफ भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने अभी कांग्रेस के मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर शुरू से ही दो धड़े बने हुए हैं और यह बात निश्चित रूप से सर्वविदित है कि सचिन पायलट के चेहरे पर कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री बनने की बारी आई तो उनको साइडलाइन कर दिया गया।

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दूसरी तरफ सूत्रों का दावा है कि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कांग्रेस के 41 विधायक कल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि इस बात के लिए सचिन पायलट और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच मुलाकात हो चुकी है।

अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि राज्य के अशोक गहलोत के लिए अगले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण हैं। जबकि बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के द्वारा लगातार 4 दिन से सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा जा रहा है, किंतु उन्होंने मिलने का समय नहीं दिया है।